पशु चिकत्सिालय बन गया है जुआरीयों का बसेरा

पशु चिकित्सालय बन गया है जुआरीयों का बसेरा फोटो – मधेपुरा 10,11कैप्शन – पुराना भवन बना जुआरियों का बसेरा, नया भवन बाट जोह रहा चिकित्सकों की — निर्माण के बाद नए भवन में अबतक लटका है ताला– — परिसर को लकड़ी मिल मालिक ने कर रखा है अतिक्रमित– प्रतिनिधि, पुरैनी, मधेपुराप्रखंड के गणेशपुर पंचायत अंतर्गत […]
पशु चिकित्सालय बन गया है जुआरीयों का बसेरा फोटो – मधेपुरा 10,11कैप्शन – पुराना भवन बना जुआरियों का बसेरा, नया भवन बाट जोह रहा चिकित्सकों की — निर्माण के बाद नए भवन में अबतक लटका है ताला– — परिसर को लकड़ी मिल मालिक ने कर रखा है अतिक्रमित– प्रतिनिधि, पुरैनी, मधेपुराप्रखंड के गणेशपुर पंचायत अंतर्गत डुमरैल चौक स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय चिकित्सक की कमी व विभागीय उदासीनता की वजह से जहां मृतप्राय हो चुका है वहीं दूसरी तरफ यह अब सिर्फ जुआरियों का बसेरा बनकर रह गया है. इस वजह से जहां पशुपालक ग्रामीण चिकित्सकों से अपने पशु का ईलाज कराने को विवश है वहीं दूसरी ओर विभाग गहरी नींद में सोयी हुई है. शुरूआती दौर में कुछ दिनों के लिए यहां चिकित्सक का विभाग के द्वारा नियुक्त किया गया था. पशुओं का ईलाज भी हुआ करता था और ईलाज हेतु हर प्रकार की दवा और सूई की भी यहां व्यवस्था रहती थी. लेकिन करीब दस वर्षों से यह अस्पताल मृतप्राय है. हालांकि लाखों की लागत से दो वर्ष पूर्व यहां पशु चिकित्सालय सहित आवासीय परिसर का निर्माण भी कराया गया है. उक्त भवन व आवासीय परिसर को विभाग को सुपुर्द भी किया जा चुका है. लेकिन यहां पशु चिकित्सक एवं कर्मियों के नहीं रहने से ताला लटक रहा है. कर्मियों के अभाव में उक्त परिसर को जहां एक लकड़ी मील मालिक के द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है. वहीं कई जुआरियों नें उसे जुआ खेलने की उपयुक्त जगह बना ली है. वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है की यहां कभी कभार एक भ्रमणशील चिकित्सक जो अन्य प्रखंड में पदस्थापित है आया करते है. जिनके नाम से भी क्षेत्र के अधिकांश लोग वाकिफ नहीं है. ऐसी हालात में क्षेत्र के पशु पालकों को अपने पशुओं का इलाज करवाने के लिए निजी चिकित्सक के शरण में जाने के सिवाय कोई अन्य चारा नहीं है.
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