जज्बे को सलाम पैर से लिखना सीखा, पीएचडी करने की तमन्ना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Jun 2019 5:47 AM
मधेपुरा : जन्म से ही दोनों हाथ नहीं हैं, पर हौसला बुलंद होने के कारण रूपम ने कभी हार नहीं मानी. पूर्णिया जिले के बनमनखी स्थित मगुर्जन वार्ड 13 निपानिया की छात्रा रूपम कुमारी हिम्मत व हौसले से दिव्यांगता को पीछे छोड़ दिया. रूपम कुमारी शुक्रवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में आयोजित पीएचडी टेस्ट […]
मधेपुरा : जन्म से ही दोनों हाथ नहीं हैं, पर हौसला बुलंद होने के कारण रूपम ने कभी हार नहीं मानी. पूर्णिया जिले के बनमनखी स्थित मगुर्जन वार्ड 13 निपानिया की छात्रा रूपम कुमारी हिम्मत व हौसले से दिव्यांगता को पीछे छोड़ दिया. रूपम कुमारी शुक्रवार को भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में आयोजित पीएचडी टेस्ट में दाहिने पैर से पेपर लिखा. व्यावसायिक परिवार में 18 जनवरी, 1994 को जन्मी रूपम कुमारी दोनों हाथों से दिव्यांग होने के कारण दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है. लेकिन, उसने पढ़ाई जारी रखा.
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