अब जमीन निबंधन में कातिब की नहीं रही दरकार, स्वयं बन रहे लेखाकार

Updated at : 19 Apr 2018 6:11 AM (IST)
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अब जमीन निबंधन में कातिब की नहीं रही दरकार, स्वयं बन रहे लेखाकार

जीआरएम वेबसाइट से जमा होने लगी निबंधन की राशि मधेपुरा : जमीन खरीद व बिक्री करने के लिए अब चालान से बैंक में रुपये जमा नहीं करना पड़ रहा है. अब क्रेता जीआरएम वेबसाइट पर अपना चालान का राशि इ-चालान के माध्यम से जमा कर जमीन का निबंधन करा रहे है. राज्य सरकार की पहल […]

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जीआरएम वेबसाइट से जमा होने लगी निबंधन की राशि

मधेपुरा : जमीन खरीद व बिक्री करने के लिए अब चालान से बैंक में रुपये जमा नहीं करना पड़ रहा है. अब क्रेता जीआरएम वेबसाइट पर अपना चालान का राशि इ-चालान के माध्यम से जमा कर जमीन का निबंधन करा रहे है. राज्य सरकार की पहल पर जिले के लोगों को यह सुविधा मिलने लगी है. जिला निबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बिहार सरकार द्वारा जमीन का खाता खेसरा के साथ वहां की जमीन की सरकारी मूल्य भी वेबसाइट पर दिया गया है. क्रेता जैसे ही सरकार के वेबसाइट को खोलेंगे, उन्हें रकवा का स्थिति की मांग करेगा. रकवा देने के बाद क्रेता को निबंधन शुल्क आ जायेगा. क्रेता अपने खाता से उतना राशि जैसे ही स्थानांतरण करेंगे क्रेता को स्वीकृति नंबर दे दिया जायेगा. क्रेता उसी स्वीकृति नंबर को डालकर जमीन रजिस्ट्री करवा सकते हैं.
इ-चालान के लिए खोला गया काउंटर : इ-चालान जमा करने से क्रेता को परेशानी नहीं हो इसको लेकर निबंधन विभाग कार्यालय में इ- चालान न जमा काउंटर संचालित कर रही है. जिस क्रेता को इ-चालान जमा करने में परेशानी होती है. वह क्रेता निबंधन कार्यालय में आकर इ-चालान ऑनलाइन क्रेता अपने दस्तावेज में उसको लगाकर निबंधन करायेंगे.
क्रेता खुद लिख सकते हैं दस्तावेज: क्रेता अगर चाहे तो वह खुद भी अपना दस्तावेज लिख कर विभाग में निबंधन के लिए प्रस्तुत कर सकते हैं. वैसे कातिब से लिखाया गया दस्तावेज भी मान्य होगा. ज्ञात हो कि क्रेता द्वारा दिये गये कागज की मान्यता भी वहीं होगा जो कातिब का होता है. इन दिनों स्थानीय कार्यालय में लोग स्वयं के लिखित दस्तावेज पर भी जमीन का निबंधन करा रहे है.
एक से पांच दिनों में मिलेगा दस्तावेज
इस सिस्टम के तहत अगर कागज सही रहेगा क्रेता विक्रेता द्वारा जमीन की चौहद्दी सही दिया रहेगा. विभागीय जांच की जरूरत नहीं होगी तो क्रेता को उसी दिन दस्तावेज भी दे दिया जायेगा. अगर किसी प्रकार की आपत्ति होगी तो जांच करने के बाद अधिकतम पांच दिन में दस्तावेज की मूल प्रति क्रेता को दे दी जायेगी.
सादे कागज पर भी बनेगा दस्तावेज
जिला निबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार क्रेता अगर चाहे तो अपने जमीन का निबंधन ए फोर साइज के सादा कागज पर भी करा सकेंगे. इस कार्य के लिए विभाग को बिहार सरकार द्वारा अनुमति दे दी गयी है.
जीआरएम वेबसाइट के जरिये जमीन निबंधन की कवायद राज्य मुख्यालय से की गयी है. मुख्यालय से सिस्टम चालू करने के बाद से ही स्थानीय जनता को सरकार द्वारा दिये गये सुविधा का लाभ दिया जाने लगा है. फिलवक्त पुराने तरीके से भी जमीन का निबंधन जरूरत पड़ने पर की जा रही है.
उमेश प्रसाद सिंह, जिला निबंधक, मधेपुरा
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