मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज व बिहारीगंज संवेदनशील क्षेत्र

Updated at : 17 Sep 2017 6:58 AM (IST)
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मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज व बिहारीगंज संवेदनशील क्षेत्र

निर्देश . पर्व को ले डीएम व एसपी ने की अधिकारियों के साथ बैठक सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्र के पूजा स्थल, पंडाल, अखाड़ा आदि जगहों पर रखेंेेगे निगरानी मधेपुरा : जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए सभा भवन में शनिवार को दशहरा व मुहर्रम के दौरान विधि व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों […]

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निर्देश . पर्व को ले डीएम व एसपी ने की अधिकारियों के साथ बैठक

सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्र के पूजा स्थल, पंडाल, अखाड़ा आदि जगहों पर रखेंेेगे निगरानी
मधेपुरा : जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए सभा भवन में शनिवार को दशहरा व मुहर्रम के दौरान विधि व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता डीएम मो सोहैल ने की. मौके पर उन्होंने कहा कि गृह विशेष विभाग से विधि व्यवस्था संबंधी प्राप्त प्रतिवेदनों में जिला को भी सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील जिला के रूप में चिह्नित किया गया है. जिले के मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज व बिहारीगंज थाना के संपूर्ण क्षेत्र को संवेदनशील क्षेत्र माना गया है. वहीं सदर थाना, सिंहेश्वर, पुरैनी व चौसा थाना का कुछ भाग को संवेदनशील है. डीएम ने कहा कि वर्ष 2014-15, 2015-16 व 2016-2017 की घटनाओं को देखते हुये पूरी सतर्कता बनाये जाने की आवश्यकता है.
मुख्य सचिव बिहार सरकार व पुलिस महानिदेशक द्वारा निदेश है कि बिना लाइसेंस के दुर्गापूजा पंडाल, अखाड़ा, जुलूस किसी की परिस्थिति में नहीं निकाला जायेगा. इस संबंध में सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्र के पूजा स्थल, पंडाल, अखाड़ा आदि पर निगरानी रखेंगे. इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जायेगी. यदि किसी कारण से किसी स्थल पर किसी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनती है, तो अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी उक्त स्थल पर पहुंचेंगे व आसपास के थानों से पुलिस बल उक्त स्थल पर भेजवाना सुनिश्चित करेंगे. इसकी तत्काल जानकारी डीएम, एसपी को दी जायेगी,
ताकि ससमय स्थल पर पहुंच सके. वहीं एसपी विकास कुमार ने कहा कि दुर्गापूजा व मुहर्रम के अवसर पर चंदा की वसूली करने के क्रम में कभी-कभी मारपीट व विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो जाया करती है, अतएव थानाध्यक्ष,बीडीओ, सीओ गश्ती के दौरान उस पर कड़ी निगरानी रखेंगे. पूजा पंडाल व सार्वजनिक स्थलों पर सांप्रदायिक कार्टून, चित्र लगाये जाते हैं
तथा भड़काउ अश्लील गाने का कैसेट बजाये जाते हैं. इस पर सख्ती से रोक लगाये जाय, ताकि किसी प्रकार विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं हो. आयोजनों को विनियमित करने के लिए एसडीओ, एसडीपीओ द्वारा अनुज्ञप्ति निर्गत किया जायेगा. अनुज्ञप्ति निर्गत के लिए सभी आवेदन पत्र आयोजकों द्वारा संबंधित थाना में जमा करना होगा. बैठक में डीडीसी मिथिलेश कुमार, डीपीआरओ महेश पासवान, एएसपी राजेश कुमार, सदर एसडीएम संजय कुमार निराला सहित सभी थाना के थानाध्यक्ष, बीडीओ, सीओ आदि मौजूद थे.
पंडालों में महिलाओं के अलग हो प्रवेश द्वार. पर्व त्योहार में विधि व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीएम व एसपी ने संयुक्त आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया है कि अनुज्ञप्ति लेने के लिए आयोजकों द्वारा शपथ पत्र देना होगा. वहीं आयोजकों द्वारा प्राप्त अनुज्ञप्ति पंडाल व अखाड़ा अथवा जुलूस के दौरान साथ अनिवार्य रूप से साथ रखे. दंडाधिकारी पुलिस पदाधिकारी द्वारा मांग की जाने पर प्रधान आयोजक द्वारा अनुज्ञप्ति उपलब्ध कराना होगा. पंडाल निर्माण के संबंध में प्रमाण पत्र कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल मधेपुरा या उनके द्वारा प्राधिकृत सहायक अभियंता कनीय अभियंता से प्राप्त करें.
वहीं पंडाल, अखाड़ा कार्यक्रम से यातायात बाधित ना हो, पंडाल, अखाड़ा, जुलूस में किसी संप्रदाय या व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने वाले कार्टून, मोडल, मूर्ति नहीं लगायी जायेगी. पंडाल में न्यूनतम चार निकास द्वारा बनाये जायेंगे, जिसमें एक विकास द्वारा महिलाओं के लिए होगा.
लेना होगा स्थायी बिजली कनेक्शन. पूजा पंडाल आयोजन के लिए विधिवत स्थायी विद्युत कनेक्शन के साथ रोशनी की व्यवस्था की जायेगी तथा पूरे पंडाल के आसपास बिजली का तार खुला नहीं रहे इस पर ध्यान देना होगा. इस संबंध में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त किया जायेगा. पंडाल के निर्माण में सिंथेटिक कपड़े का उपयोग न्यूनतम करने और आग बुझाने के लिए पोर्टेबुल अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है.
पंडाल का निर्माण इस प्रकार से किया जायेगा, ताकि आग लगने की स्थिति में पूजा पंडाल तक फायर बिग्रेड पहुंच सके. लाउडस्पीकर अधिनियम व उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन किया जाना है. साथ ही पूजा स्थल, अखाड़ा स्थल, जुलूस में अश्लीलता, जिससे किसी संप्रदाय, व्यक्ति विशेष के संवेदना को ठेस पहुंचे, नहीं बजाया जायेगा.
नशे की हालात में पकड़े जाने पर होगी कार्रवाई
पंडाल के आसपास साफ-सफाई रखने व श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. महिला दर्शनार्थियों के लिए अलग से बेरेकेटिंग की व्यवस्था करने, भीड़ नियंत्रण के लिए आयोजकों द्वारा स्वयं सेवक को रखने व उन्हें फोटो सहित परिचय पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया है. शराब व नशे की हालत में पकड़े जाने पर उक्त अधिनियम के संगत प्रावधानों के अधीन विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी.
रात्रि आठ बजे तक करना होगा विसर्जन
रात्रि आठ बजे तक पंडाल से मूर्ति उठा कर विसर्जन की तैयारी करने का निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि आयोजक द्वारा विसर्जन के लिए तिथि, समय व चार्ट के संबंध में स्पष्ट आवेदन व्यवस्था को देकर अनुमति प्राप्त की गयी अथवा नहीं, रात्रि आठ बजे के अंदर मूर्ति को पंडाल से उठाने व घाट तक पहुंचाने की कार्य योजना तैयार की गयी अथवा नहीं,
विसर्जन के लिए जिस स्थान का प्रयोग किया जा रहा हो, उसके वाहन चालक के साथ साथ आयोजक द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को यह स्पष्ट हिदायत दी गयी अथवा नहीं कि वे विसर्जन जुलूस के क्रम में किसी भी परिस्थिति में शराब, अथवा किसी अन्य नशा का सेवन नहीं करेंगे व पूर्ण अनुशासन में रहेंगे. दुर्गा पूजा के दरम्यान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है तब उसकी अनुज्ञप्ति प्राप्त की गयी है अथवा नहीं, जुलूस के दौरान मोटर साइकिल व डीजे का उपयोग किया तो नहीं गया है. इन सभी मामलों पर संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष, सीओ व बीडीओ नजर रखेंगे.
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