सन् 1934 के भूकंप में तबाह हो गया था मुंगेर

Published at :15 Jan 2016 6:42 PM (IST)
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सन् 1934 के भूकंप में तबाह हो गया था मुंगेर

सन् 1934 के भूकंप में तबाह हो गया था मुंगेर भूकंप दिवस आज * मकर संक्रांति आते ही आ जाता है भूकंप की याद * 15 से 21 जनवरी तक मनाया जायेगा भूकंप सप्ताह फोटो संख्या : 17फोटो कैप्सन : मुंगेर किला प्रतिनिधि : मुंगेर ————- भूकंप का नाम आते ही मुंगेर के लोगों के […]

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सन् 1934 के भूकंप में तबाह हो गया था मुंगेर भूकंप दिवस आज * मकर संक्रांति आते ही आ जाता है भूकंप की याद * 15 से 21 जनवरी तक मनाया जायेगा भूकंप सप्ताह फोटो संख्या : 17फोटो कैप्सन : मुंगेर किला प्रतिनिधि : मुंगेर ————- भूकंप का नाम आते ही मुंगेर के लोगों के दिल का धड़कन बढ़ जाता है. यह शहर भूकंप जोन में शामिल है और यहां बार-बार भूकंप के झटके आते रहते हैं. सन् 1934 की विनाशकारी भूकंप ने मुंगेर को मलवे में तब्दील कर दिया था. विनाश भी ऐसी थी कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ संपूर्णानंद जैसे लोगों ने मुंगेर में आकर राहत व बचाव कार्य किये थे. 15 जनवरी 1934 का दिन मुंगेर के इतिहास में काला अध्याय माना जाता है. दोपहर के समय आयी भूकंप ने शहर को अस्त-व्यस्त कर दिया था और चारों ओर तबाही का मंजर था. इस भूकंप में जहां लगभग 1434 लोगों की मौत हुई थी वहीं पूरा शहर मलवे में तब्दील हो गया था. धन-बल की भी भारी क्षति हुई थी. खेतों में दरारें पर गयी थी और चारों ओर हाहाकार मचा था. त्रासदी को देखते हुए देश के शीर्ष कर्णधार पंडित जवाहर लाल नेहरू ने स्वयं फाबड़ा (बेलचा) उठा कर मलवा को हटाया था. पंडित मदन मोहन मालवीय, सरोजनी नायडू, खान अब्दुल गफ्फार खान, यमुना लाल बजाज, आचार्य कृपलानी जैसे लोगों ने मुंगेर में आकर राहत कार्य में सहयोग किये थे. आज का मुंगेर पूरी तरह आधुनिक रूप से बसा हुआ है मुंगेर है. यह मुंगेर 1934 के बाद बड़े ही तकनीकी व खुबसूरत ढंग से बसा. लेकिन बार-बार भूकंप का प्रकोप इस शहर पर रहा है. गत वर्ष भी 25 अप्रैल को आयी भूकंप से मुंगेर दहला था. मुंगेर में कब-कब आये भूकंप तिथि तीव्रता 7 अक्तूबर 1920 5.5 15 जनवरी 1934 8.411 जनवरी 1962 6.021 अगस्त 1988 6.718 सितंबर 2011 5.725 अप्रैल 2015 7.928 अप्रैल 2015 6.8 4 जनवरी 2016 6.9 —————————-पुलिस लाइन में आज आयेगा भूकंप ! मुंगेर : पुलिस लाइन में शुक्रवार को भूकंप आयेगा. राहत व बचाव कार्य के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी के नेतृत्व में पूरी टीम मौजूद रहेगी. भूकंप पीडि़तों को बचाने व राहत बचाव कार्य भी किया जायेगा. वास्तव में शुक्रवार को पुलिस लाइन में भूकंप का मॉक ड्रील होना है. शुक्रवार से मुंगेर में भूकंप सुरक्षा सप्ताह मनाया जायेगा. इसी के तहत पुलिस लाइन में जवानों के लिए विशेष मॉक ड्रील का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनरों द्वारा जवानों को भूकंप आने से पहले की तैयारी एवं भूकंप के बाद होने वाले नुकसान से बचाव की तैयारी के बारे में बताया जायेगा. यह पहला अवसर है जब एक साथ सैकड़ों की संख्या में पुलिस जवानों को आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जायेगी. दो दिवसीय इस मॉक ड्रील में जवानों को हर उस पहलू से अवगत कराया जायेगा. जिसकी जानकारी बचाव के दौरान जरूरी है. पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि भूकंप सुरक्षा सप्ताह के दौरान कार्यक्रम आयोजित की जा रही है. ताकि जवान आपदा के समय किस तरह अपने कर्तव्य का पालन करें इसकी जानकारी उन्हें रहे. ————————बॉक्स———————–भूकंप सुरक्षा सप्ताह पर हवन व दरिद्र नारायण भोज मुंगेर : 1934 में आयी विनाशकारी भूकंप की याद में प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी विजय चौक सेवा समिति मुंगेर के तत्वावधान में भूकंप दिवस का आयोजन किया जायेगा. विजय चौक पर शुक्रवार को जहां जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित की जायेगी. भूकंप में मारे गये लोगों की आत्मा की शांति के लिए हवन, पूजन, प्रार्थना का आयोजन किया जायेगा. साथ ही नारायण भोज का आयोजन किया जायेगा. समिति के सनत कुमार ने बताया कि यह परंपरा 81 वर्षों से लगातार चलती आ रही है.

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