इलेक्ट्रीक बाजार में सजावटी झालरों का कब्जा, 20 लाख का होगा करोबार

Updated at :05 Nov 2015 8:22 PM
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इलेक्ट्रीक बाजार में सजावटी झालरों का कब्जा, 20 लाख का होगा करोबार

लखीसराय : ज्योति पर्व दीपावली को लेकर इलेक्ट्रीक बाजार में भी चहल पहल बनी हुई है. बाजार में रंग बिरंगे सजावटी झालरों की भरमार है. यहां चाइना के झालरों का बाजार पर पुरी तरह कब्जा है. झालरों में मोमबत्ती एवं दीया के अलावे फुल पत्ती के झालरों की भरमार है. पिछले कुछ वर्षों में सजावटी […]

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लखीसराय : ज्योति पर्व दीपावली को लेकर इलेक्ट्रीक बाजार में भी चहल पहल बनी हुई है. बाजार में रंग बिरंगे सजावटी झालरों की भरमार है. यहां चाइना के झालरों का बाजार पर पुरी तरह कब्जा है. झालरों में मोमबत्ती एवं दीया के अलावे फुल पत्ती के झालरों की भरमार है. पिछले कुछ वर्षों में सजावटी झालरों की डिमांड काफी बढ़ जाने से मिट्टी का दीया एवं मोमबत्ती के कारोबारियों का दिन लद रहा है.

आधुनिकता के दौर में बाजार में हर वर्ष नये तरह के लाइट आने से लोगों का रूझान इस ओर काफी ज्यादा बढ़ गया है. अब लोग मिट्टी का दीया या मोमबत्ती से रोशनी करने के बजाय घरों में रंग बिरंगे झालर लगाकर रौशनी करने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं. हर वर्ष लाइट की क्वालिटी बदलने से पुरानीलाइट भी बेकार हो रही है.

हाल के दिनों में लोगों का रूझान एलइडी लाइटों की ओर ज्यादा बढ़ा है. लोगों के मुताबिक इन लाइटों से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता है. शहर में इलेक्ट्रीक लाइट की पचास से अधिक दुकानें हैं इसके अलावे गिफट की दुकान वाले भी तरह तरह के डिजायन में लाइट बिक्री के लिए उपलब्ध करा रहे हैं. अनुमान के मुताबिक दीपावली में झालरों का बीस लाख का कारोबार होने की संभावना है. मोमबत्ती की बिक्री घटीशहर के दुकानदारों के मुताबिक सस्ते में बनी सजावटी झालर बाजार में आने से मोमबत्ती की बिक्री लगातार घटती जा रही है. पहले दीपावली में दुकानदार पांच से आठ हजार रुपये तक का मोमबत्ती बेच लेता था. लेकिन अब इसकी बिक्री मात्र पचास प्रतिशत ही रह गई है. जिससे कारोबारी निराश हैं.

मोमबत्ती के कारोबारी सुनील के मुताबिक पहले वे दीपावली आने का बेसब्री से इंतजार करते थे. एक दो महीने पहले ही मोमबत्ती की तैयारी शुरू हो जाती थी, लेकिन अब डिमांड कम होने से माल की खपत अधिक नहीं हो पाता है.मिट्टी का दीया से होता है सिर्फ रस्म अदायगीजहां एक ओर बाजार में बिजली के सजावटी झालरों ने कब्जा जमा रखा है वहीं लगातार मिट्टी के दीये की डिमांड कम होती जा रही है. पहले दीपावली के मौके पर लोग घरों में मिट्टी का दिया जलाकर रोशनी करते थे.

मोमबत्ती के चलन के बाद मिट्टी का दीया काफी हद तक कम हो गया. हाल के कुछ वर्षों में सस्ते रंग बिरंगे इलेक्ट्रीक झालर के बाजार में छा जाने से अब मिट्टी का दीया से लोग सिर्फ रस्म अदायगी ही करते हैं.

पहले लोग दीपावली में सौ दो सौ मिट्टी का दीया की खरीदारी करते थे लेकिन अब पांच दस दीया की खरीदारी ही काम चला रहे हैं. सामान कीमत सजावटी दीया 50 से 200 रुपयासजावटी मोमबत्ती 50 से 200 रुपयाएलइडी लाइट 120 से 500 रुपये तकशुभ दीपावली 100 से 150 रुपये तकमिट्टी का दीया 10 रुपये प्रति दर्जन

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