ध्वस्त होने को हैं कई दुकानें उपेक्षा . दुकानदारों की समस्याओं से जिला परिषद बेखबर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Oct 2017 5:56 AM (IST)
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शहर के नया बाजार एवं पुरानी बाजार में जिला परिषद के अधीन 176 दुकानें संचालित हैं. इसका निर्माण 1994 में हुआ था. इसका किराया भी निर्धारित किया गया था, लेिकन तब से अब तक इन दुकानों की मरम्मत नहीं हुई है. लखीसराय : शहर की मुख्य सड़क के दोनों ओर अवस्थित जिला परिषद के अधीन […]
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शहर के नया बाजार एवं पुरानी बाजार में जिला परिषद के अधीन 176 दुकानें संचालित हैं. इसका निर्माण 1994 में हुआ था. इसका किराया भी निर्धारित किया गया था, लेिकन तब से अब तक इन दुकानों की मरम्मत नहीं हुई है.
लखीसराय : शहर की मुख्य सड़क के दोनों ओर अवस्थित जिला परिषद के अधीन कई बड़ी-छोटी दुकानें आज ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है. इसकी मरम्मत के साथ-साथ अन्य समस्याओं को लेकर जिला परिषद बेखबर बना हुआ है. शहर के नया बाजार एवं पुरानी बाजार में जिला परिषद के अधीन 176 दुकानें संचालित हो रही है. वर्ष 1994 में जिला बनने के इन दुकानों को क्षेत्रफल के अनुसार 15 हजार 500, 8 हजार एवं 5 हजार रुपये जमा लेकर बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए आवंटित किया गया था.
इसके लिए अलग-अलग आकार के मुताबिक दो, ढाई और तीन रुपये प्रति फीट की दर से किराया भी तय किया गया था. आज स्थिति यह है कि कई लोग अपने नाम से आवंटित दुकानों को दूसरे लोगों को ऊंची किराया पर चढ़ा दिये हैं, तो कई लोग तो उसका सौदा भी कर चुके हैं. जबकि इन्हीं में से कुछ लोग ऐसे भी है जो मरम्मत के अभाव में दुकान को टूट-टूट कर बिखरते देखने को विवश हैं. इधर, रेलवे पुल के निकट आवंटित एक दुकानदार ओम प्रकाश बिहारी का अता-पता न रहने के कारण डीएम ने एसडीओ को उस दुकान को खाली कराये जाने का निर्देश दिया है. इसके लिए डीडीसी सह जिला परिषद के सचिव द्वारा 7 नवंबर की तिथि तय की गयी है. इधर, जरूरत के मुताबिक दुकान का निर्माण न किये जाने से कई दुकानें काफी दिन तक यूं ही बंद पड़े थे.
इन 176 दुकान के एवज में किराया वसूली की स्थिति भी काफी दयनीय बनी हुई है. लगभग 28 से 30 लाख रुपये किराया की राशि लंबित पड़ी हुई है. ऐसे में जिला परिषद से इसकी मरम्मत की आशा पूरी तरह बेमानी है.
दुकान की मरम्मत दुकानदारों को स्वयं करानी है
दुकान की मरम्मत, रंगाई, पुताई का कार्य दुकानदारों को स्वयं कराया जाना है. इसकी भौगोलिक बनावट से छेड़छाड़ नहीं करना है. किराया वसूली के साथ नयी दुकान के निर्माण का प्रस्ताव लखीसराय शहर के साथ सूर्यगढ़ा, बड़हिया एवं तेतरहट में भी लिया गया है. कमोवेश सभी दुकानों की स्थिति अच्छी है. एक आध को शिकायत है, तो आवेदन देना चाहिए. कोई न कोई रास्ता निकाला जायेगा.
रामशंकर शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष
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