प्रशासन करे हमारे रोजी-रोटी का जुगाड़

Published at :21 Mar 2017 1:13 AM (IST)
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प्रशासन करे हमारे रोजी-रोटी का जुगाड़

सख्ती . न्यायालय के आदेश के बाद जब्त िकये जा रहे हैं जिले में चलने वाले जुगाड़ गाड़ी अभियान चला कर जुगाड़ गाड़ी जब्त किए जाने से इसके चालक बेरोजगार हो कर सड़क पर आ गए हैं . उनके समक्ष भुखमरी की समस्या खड़ी होने लगी है . जिससे जुगाड़ गाड़ी चालक गोलबंद हो कर […]

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सख्ती . न्यायालय के आदेश के बाद जब्त िकये जा रहे हैं जिले में चलने वाले जुगाड़ गाड़ी

अभियान चला कर जुगाड़ गाड़ी जब्त किए जाने से इसके चालक बेरोजगार हो कर सड़क पर आ गए हैं . उनके समक्ष भुखमरी की समस्या खड़ी होने लगी है . जिससे जुगाड़ गाड़ी चालक गोलबंद हो कर सरकार व प्रशासन से अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ मांगने के लिए आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं.
ठाकुरगंज : न्यायालय के निर्देश पर छह मार्च से क्षेत्र में जुगाड़ गाड़ी के परिचालन पर रोक लगाए जाने के बाद से प्रशासन ने जुगाड़ गाड़ी को जब्त करना शुरू कर दिया है. अभियान चला कर जुगाड़ गाड़ी जब्त किए जाने से इसके चालक बेरोजगार हो कर सड़क पर आ गए हैं . उसके समक्ष भुखमरी की समस्या खड़ी होने लगी है . जिससे जुगाड़ गाड़ी चालक गोलबंद हो कर सरकार व प्रशासन से अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ मांगने के लिए आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं. इसी को ले
जुगाड़ वाहनों पर प्रतिबंध के खिलाफ रविवार को फटफटिया (जुगाड़ वाहन)चालक सड़कों पर उतरे और हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हुंकार भरी. ठाकुरगंज गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में जुगाड़ वाहन चालकों के सुर में सुर मिलाते हुए कई राजनेताओं ने भी भी हाई कोर्ट के निर्णय से कई गरीबों के अरमान उजड़ने की बात कही. वहीं हाई कोर्ट के निर्णय से आहत फटफटिया चालकों ने बृहत आन्दोलन की चेतावनी दी.
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोजपा नेता सह पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल ने सरकार को इन लोगों के गरीबी और बेरोजगारी का ध्यान रखते हुए जुगाड़ वाहन को वैधानिक स्वीकृति देते हुए दिल्ली में ई रिक्शा के संचालन के लिए कानून लाते हुए जुगाड़ वाहनों को सड़क पर चलने की मंजूरी देने की मांग की. जुगाड़ गाड़ी संघ के मुख्य संरक्षक पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहां की आज कोर्ट के एक निर्णय से हजारों परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
इस मामले में राज्य सरकार के सही पैरवी के अभाव में आज मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले हजारों लोग आर्थिक परेशानी में पड़ने वाले हैं. श्री अग्रवाल ने जुगाड़ चालकों की पीड़ा को वाजिब बताते हुए कहा की किसी ने अपना जमीन बेच कर तो किसी ने कर्ज लेकर अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए जुगाड़ गाड़ी खरीदी, आज ये बंद हो जाएगी तो लोग अपने परिवार का पालन पोषण कैसे करेंगे यह सरकार को सोचना चाहिए.
वहीं इस दौरान राजद नेता मुश्ताक आलम ने पुरे मामले में हाईकोर्ट में सरकार की ढीली पेरवी को जिम्मेवार बताते हुए कहा आज सिमांचल जहा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए आज ये जुगाड़ वाहन ही उतम साधन हे वहा बेकल्पिक व्यवस्था किये बिना फटफटिया बंद करने का फरमान उचित नहीं है सरकार को इस मामले में हाई कोर्ट में तुरंत पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए.
वही कनकपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सौकत सरपंच ने जुगाड़ वाहन को बंद करने के पहले प्रभावित परिवारों के लिए उचित व्यवस्था की मांग की. इस दौरान सुरजापुरी नेता डा जमालुद्दीन, तौकीर आलम के अलावे जुगाड़ गाडी संघ के अध्यक्ष मो अफाक, सचिव सत्यनारायण प्रसाद, कोषाध्यक्ष अली मोहमद, महासचिव दिनेश प्रसाद, संगठन प्रभारी मो अब्बास के अलावे जुबेर, अलाउदीन, आरिफ आदि ने भी अपने विचार रखे. वहीं मंच संचालन मंसूर आलम ने किया.
क्या कहते हैं जुगाड़ वाहन चालक
जुगाड़ गाड़ी चालक मो अफाक, दिनेश प्रसाद, जुबेर, अलाउद्दीन, जाकीर सहित दर्जनों चालकों ने कहा कि उनके पास जॉब कार्ड भी नहीं है. जिसके पास है उसे आज तक काम ही नहीं मिला है. इस तरह से उसके गाड़ी को जब्त किए जाने से उसके रोजी-रोजगार का जरिया ही खत्म हो गया है. जिससे वो और उनके परिवार भुखमरी की कगार पर आने लगे हैं. अगर गाड़ी को जब्त किया जा रहा है तो इसके एवज में सरकार व प्रशासन उन लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराए नहीं तो सभी चालक मिल कर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर देंगे.
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