चुनावी वादों से विपरीत चल रहे हैं प्रधानमंत्री : ओवैसी

Published at :20 Mar 2017 2:10 AM (IST)
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चुनावी वादों से विपरीत चल रहे हैं प्रधानमंत्री : ओवैसी

बोले सांसद असदुद्दीन ओवैसी मोदी ने अच्छे दिन का नारा दिया, लेकिन हालत बद से बदतर हो गयी भाजपा अपना पुराना चेहरा ला रही है वापस, देश की गंगा-जमुनी तहजीब को कमजोर करने पर हैं अमादा सीमांचल में रिजनल डवलेपमेंट काउंसिल बनाये बिना विकास संभव नहीं किशनगंज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनावी वादों से […]

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बोले सांसद असदुद्दीन ओवैसी

मोदी ने अच्छे दिन का नारा दिया, लेकिन हालत बद से बदतर हो गयी
भाजपा अपना पुराना चेहरा ला रही है वापस, देश की गंगा-जमुनी तहजीब को कमजोर करने पर हैं अमादा
सीमांचल में रिजनल डवलेपमेंट काउंसिल बनाये बिना विकास संभव नहीं
किशनगंज : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चुनावी वादों से बिल्कुल विपरीत चल रहे हैं. मोदी ने अच्छे दिन का नारा दिया, लेकिन हालत बद से बदतर हो गयी है. बीजेपी अपना पुराना चेहरा वापस ला रही है और देश की गंगा-जमुनी तहजीब को कमजोर करने पर अमादा है. यह बातें आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व
चुनावी वादों से…
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कही. वे शनिवार को एआइएमआइएम कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थे.
भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी ने कहा था कि सत्ता में आने पर प्रतिवर्ष बेरोजगारों को बड़ी संख्या में रोजगार देंगे, लेकिन तीन वर्ष में क्षेत्र के किसी नौजवान को रोजगार नहीं मिल सका. इसके अलावे महंगाई दूर, उद्योग व विदेशी पूंजी निवेश को बढ़ावा देने के झूठे वादों से भाजपा को लोक सभा में सफलता मिल गयी. नरेंद्र मोदी सभी मोरचे पर अब तक विफल साबित हुए हैं. भाजपा की ‘बी’ टीम के आरोप पर उन्होंने साफ कहा कि अपने आपको धर्मनिरपेक्ष कहनेवाली पार्टी अपने अंदर झांके. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासन में यूपी में 400 से अधिक दंगे हुए और समाजवादी पार्टी भी दूध के धुले हुए नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि बिहार में भी मेरी पार्टी छह सीटों पर विधान सभा चुनाव लड़ी थी, यहां तो महागंठबंधन की जीत हुई. उन्होंने कहा कि मुसलमानों को वोट बैंक समझ कर शोषण करनेवाली पार्टी के आरोप निराधार है. यूपी की हार का ठीकरा 19 फीसदी मुसलमान पर फोड़ कर सभी अपनी नाकामयाबी छिपा रहे हैं. उन्होंने ऐसे आरोप लगानेवाली पार्टी को आमने-सामने बहस करने की चुनौती भी दी. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और शासन-प्रशासन संविधान के अधीन बनाये नियमों पर ही चलती है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सीमांचल में विकास तभी संभव है,
जब क्षेत्रीय विकास परिषद का गठन हो. क्षेत्रीय विकास परिषद गठन के लिए जरूरत पड़ी, तो जन आंदोलन चलाया जायेगा. कांग्रेस की तत्कालीन सरकार अगर एएमयू कैंपस निर्माण के लिए फंड की स्वीकृति कर देती, तो आज एएमयू का निर्माण हो गया रहता. यहां के सांसद इलाके में डेढ़ घंटा तकरीर कर सकते हैं,
लेकिन संसद में डेढ़ मिनट भी नहीं बोल पाते हैं. उन्होंने कहा कि एआइएमआइएम सीमांचल की समस्या पर गंभीर है और क्षेत्रीय विकास परिषद की गठन के लिए हर स्तर की लड़ाई के लिए टेढ़ागाछ से आगाज कर दिया है. इस अवसर पर एआइएमआइएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान, गुलाम शाहिद, आदिल हसन, अमित कुमार पासवान, इश्तियाक अहमद, गुलाम सरवर मौजूद थे.
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