बाल विवाह व दहेज मुक्त पंचायत बनायें

Published at :31 Jan 2018 5:47 AM (IST)
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बाल विवाह व दहेज मुक्त पंचायत बनायें

किशनगंज : दहेज एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए संचालित राज्य व्यापी अभियान के तहत मंगलवार को रचना भवन में एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का शुभारंभ डीएम पंकज दीक्षित, एसपी राजीव मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस अवसर पर डीएम ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा एक सामाजिक कुरीति […]

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किशनगंज : दहेज एवं बाल विवाह उन्मूलन के लिए संचालित राज्य व्यापी अभियान के तहत मंगलवार को रचना भवन में एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का शुभारंभ डीएम पंकज दीक्षित, एसपी राजीव मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

इस अवसर पर डीएम ने कहा कि बाल विवाह और दहेज प्रथा एक सामाजिक कुरीति है. सभी बीडीओ एवं वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने प्रखंड में नियमित मॉनीटरिंग करें. ओडीएफ के तर्ज पर बाल विवाह और दहेज मुक्त पंचायत और प्रखंड घोषित किया जायेगा. उन्होंने कहा सभ्य समाज के निर्माण में बाल विवाह व दहेज कुप्रथा बाधक बनी हुई है. वर्षों से चली आ रही इस कुप्रथा को उखाड़ फेंकने में जन भागीदारी अहम है. इसके लिए ग्राम पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल व जिला स्तर पर टास्क फोर्स गठित की जा रही है. प्रभात फेरी, ग्राम स्तर पर गोष्ठी, कार्यशाला व रैली आदि गतिविधियों के द्वारा समाज को जागरूक कर इस प्रकार के कुप्रथा से मुक्त हो सकते हैं.
महिला हेल्प लाइन के जिला परियोजना प्रबंधक शशि शर्मा ने बताया कि आज हमारे समाज में दहेज प्रथा सभ्य समाज के लिए अभिशाप बन गया है. इसे दूर करना हम सब की जिम्मेदारी है.
समाज में दहेज के दुष्परिणाम : दहेज अपने आप मे एक गंभीर बुराई ही नहीं कई समस्याओं की जननी भी है. दहेज के कारण समाज में आज कन्या भ्रूण हत्या, बेमेल विवाह, बाल विवाह, भ्रष्टाचार(रिश्वतखोरी) एवं महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा, दहेज के लिए हत्या आदि कई सामाजिक बुराइयां विकराल रूप ले रही है. जबकि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत यदि 18 साल से अधिक उम्र का कोई पुरुष किसी अवयस्क बच्ची से विवाह करता है, तो उसके लिए सजा का प्रावधान है.
बाल विवाह के दुष्परिणाम मां बनने पर गर्भपात का खतरा, प्रसव के दौरान मां की मृत्यु की संभावना, कुपोषित बच्चे आदि कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं.मौके पर एसपी राजीव मिश्रा, डीडीसी यशपाल मीणा, ओएसडी हीरामुनी प्रभाकर, एसडीसी रमाशंकर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी व प्रभारी डीपीआरओ राघवेंद्र कुमार दीपक आदि कई अधिकारी मौजूद थे
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