कांग्रेस नेता राजो सिंह हत्याकांड में आया निचली अदालत से फैसला, सभी आरोपित बरी, नहीं मिला हत्यारा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jun 2022 1:37 PM
कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे राजो सिंह हत्याकांड में फैसला आ गया है. बिहार के बहुचर्चित राजो सिंह हत्याकांड में 17 साल बाद आखिरकार निचली अदालत का फैसला आया है. कोर्ट में सबूत के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है.
पटना. कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे राजो सिंह हत्याकांड में फैसला आ गया है. बिहार के बहुचर्चित राजो सिंह हत्याकांड में 17 साल बाद आखिरकार निचली अदालत का फैसला आया है. कोर्ट में सबूत के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. दरअसल, आरोपियों के पाक साफ निकल जाने का रास्ता उसी वक्त साफ हो गया था, जब राजो सिंह के पोते और जदयू विधायक के सुदर्शन ने इस मामले में अपना कदम पीछे खींच लिया था. सुदर्शन ने पिछले दिनों अपनी तरफ से लगाए गए आरोपों को वापस ले लिया था. आज कोर्ट में इस मामले पर फैसला आना था. शेखपुरा की निचली अदालत ने सभी आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया है.
एडीजे तृतीय संजय सिंह ने इस मामले में फैसला सुनाया है. सबूत के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है. इस मामले में आरोपी शंभू यादव अनिल महतो, बच्चों महतो, पिंटू महतो और राजकुमार महतो को कोर्ट ने बरी किया है. बहुचर्चित राजो सिंह हत्याकांड में बिहार सरकार के मौजूदा मंत्री अशोक चौधरी, जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी के साथ-साथ शेखपुरा नगर परिषद के पूर्व जिला अध्यक्ष मुकेश यादव और अन्य के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी.
पुलिस ने अशोक चौधरी और रणधीर कुमार सोनी के साथ-साथ कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं किया था. इस मामले में एक अन्य अभियुक्त कमलेश महतो की पहले ही मृत्यु हो चुकी है. पिछले दिनों कांग्रेस छोड़कर जदयू का दामन थामने वाले राजो सिंह के पोते सुदर्शन कुमार इस मामले में होस्टाइल हो गये थे. अपने दादा की हत्या के मामले में विधायक सुदर्शन ही सूचक थे, लेकिन उनके पीछे हटने के बाद यह साफ हो गया था कि आरोपियों को इस बात का फायदा मिल जाएगा.
कांग्रेसी दिग्गज रहे राजो सिंह की हत्या 9 सितंबर 2005 को शेखपुरा स्थित कांग्रेस कार्यालय में गोली मारकर कर दी गई थी. राजो सिंह के साथ-साथ उनके एक सहयोगी श्याम किशोर सिंह की भी हत्या कर दी गयी थी. घटना के वक्त श्याम किशोर सिंह राजो सिंह के साथ ही बैठे हुए थे. राजो सिंह के पोते और बरबीघा से जदयू के विधायक सुदर्शन कुमार के बयान पर पुलिस ने तब प्राथमिकी दर्ज की थी.
इस मामले में कोर्ट के सामने 16 वर्षों में 36 गवाहों का बयान दर्ज किया गया. आश्चर्यजनक रूप से 33 गवाह हो स्टाइल हो गये और पिछले महीने विधायक सुदर्शन ने भी कोर्ट में उपस्थित होकर इस मुकदमे में कुछ भी लेना-देना नहीं होने की बात कही थी. आपको यह भी बता दें कि विधायक सुदर्शन पहले कांग्रेस में थे, लेकिन बाद में वह जदयू में शामिल हो गये साल 2020 का चुनाव उन्होंने जदयू की टिकट पर जीता.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










