मुखिया व पंचायत सचिव ने किया गबन

Updated at : 09 Feb 2017 6:20 AM (IST)
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मुखिया व पंचायत सचिव ने किया गबन

धोखाधड़ी. विधवा को चार साल से नहीं मिली पेंशन, बैंक खाते में भी नहीं थी राशि गोगरी प्रखंड के बोरना पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव पर पेंशन की राशि के गबन का आरोप लगा है. इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद मामले की सुनवाई आरंभ कर गोगरी बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गयी है. […]

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धोखाधड़ी. विधवा को चार साल से नहीं मिली पेंशन, बैंक खाते में भी नहीं थी राशि

गोगरी प्रखंड के बोरना पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव पर पेंशन की राशि के गबन का आरोप लगा है. इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद मामले की सुनवाई आरंभ कर गोगरी बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गयी है.
खगड़िया : गोगरी प्रखंड से सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि के गोलमाल का मामला सामने आया है. यहां एक मुखिया तथा पंचायत सचिव पर पेंशन की राशि के गबन का आरोप लगा है. शिकायत मिलने के बाद इस मामले की सुनवाई आरंभ कर गोगरी बीडीओ से रिपोर्ट मांगी गयी है. पेंशन की राशि गबन करने का मामला गोगरी प्रखंड के बोरना पंचायत की है. शिकायतकर्ता रागिनी देवी ने इस संबंध में जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज करायी है. इन्होंने पंचायत के पूर्व मुखिया धीरेन्द्र कुमार सिंह सहित पंचायत सचिव पर उनके पेंशन की राशि हजम करने की शिकायत की है.
इनकी शिकायत पर सुनवाई आरंभ हो चुकी है. बीडीओ से इस मामले में रिपोर्ट तलब किया गया है. पीड़ित महिला का कहना है कि वे साक्षर है तथा वे हस्ताक्षर करना भी जानती है. बीते 15 अक्तूबर 2016 को उन्होंने चार माह का पेंशन प्राप्त करने के दौरान भी हस्ताक्षर ही किया था. लेकिन इसके विपरीत वर्ष 2012 से उनके नाम पर जो पेंशन की राशि उठाई गयी है. वो उनके फर्जी अंगूठे के निशान के आधार पर निकाले गए है. इन्होंने पूर्व मुखिया व पंचायत सचिव पर फर्जी निशान बनाकर पेंशन गोलमाल करने का आरोप लगाया है.
बीडीओ से रिपोर्ट तलब : महिला की शिकायत पर इस मामले की सुनवाई आरंभ हो गयी है. सूत्र के मुताबिक जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विजय कुमार सिंह ने बीडीओ से रिपोर्ट मांगी थी. जिसके आलोक में गोगरी बीडीओ ने प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी से इस मामले की जांच कराकर सुनवाई पदाधिकारी को रिपोर्ट भी भेज दी है. रिपोर्ट में जांच पदाधिकारी ने यह साफ कर दिया है. शिकायतकर्ता के नाम से वर्ष 2012 से पेंशन की राशि की निकासी हो रही है. वो भी अंगूठे के निशान के आधार पर, हालांकि जांच पदाधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पेंशन वितरण पंजी पर जो निशान है. वे शिकायतकर्ता के है या फिर दूसरे व्यक्ति के.
वर्ष 2012 से निकाली गयी राशि
विधवा रागिनी देवी को लक्ष्मीबाई विधवा पेंशन योजना की स्वीकृति दी गयी है. शिकायतकर्ता के साथ साथ प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई है. उसके अनुसार इनके नाम पर वर्ष 2012 से ही पेंशन योजना की राशि की निकासी की जा रही है. लेकिन उक्त पीड़िता का कहना है कि इन साढ़े चार वर्ष की अवधी के दौरान उन्हें मात्र चार माह का ही पेंशन की राशि वर्तमान मुखिया द्वारा 12 सौ रुपये दिये गए है. वो भी 15 अक्तूबर 2016 को इसके पूर्व जो भी राशि उठाई गयी है. वो पंचायत के पूर्व मुखिया सहित पंचायत सचिव ने गलत तरीके से निकाल ली है. बताया जाता है इस अवधी के दौरान सीताराम सनगेही उक्त पंचायत में पंचायत सचिव थे. मुखिया के साथ साथ पेंशन की राशि गबन करने में अब इनकी भूमिका पर भी सवाल उठने लगे है.
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