डीएम के आदेश के बाद भी प्रखंड में नहीं रहते

Published at :18 Dec 2015 9:47 PM (IST)
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डीएम के आदेश के बाद भी प्रखंड में नहीं रहते

डीएम के आदेश के बाद भी प्रखंड में नहीं रहते अलौली. व्यवस्था में सुधार लाने के लिए डीएम साकेत कुमार ने प्रखंड में काम रने वाले सभी पदाधिकारी व कर्मी को प्रखंड मुख्यालय में रहने का आदेश दिया था. इसके बावजूद प्रखंड मुख्यालय में सभी कर्मी व पदाधिकारी नहीं रहते हैं. नाम नहीं छापने के […]

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डीएम के आदेश के बाद भी प्रखंड में नहीं रहते अलौली. व्यवस्था में सुधार लाने के लिए डीएम साकेत कुमार ने प्रखंड में काम रने वाले सभी पदाधिकारी व कर्मी को प्रखंड मुख्यालय में रहने का आदेश दिया था. इसके बावजूद प्रखंड मुख्यालय में सभी कर्मी व पदाधिकारी नहीं रहते हैं. नाम नहीं छापने के शर्त पर पदस्थापित एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रखंड में रहने लायक व्यवस्था हीं नहीं है. क्वार्टर जर्जर है और ग्रामीण किराये पर मकान देने को तैयार नहीं है. उल्लेखनीय है कि प्रखंड कार्यालय स्तर से कई बार जर्जर क्वाटर की मरम्मत के लिए लिखा गया. लेकिन मरम्मत नहीं हो पायी. पदाधिकारी व कर्मियों के लिए सरकारी स्तर से बनाये गये क्वार्टर जर्जर हो गये हैं. प्रखंड के सभी क्वाटरों की मरम्मत 2011 में भवन निर्माण विभाग द्वारा की गयी. इसके बावजूद भी भवन रहने लायक नहीं है. भाजपा प्रखंड अध्यक्ष विजय यादव, जदयू प्रखंड अध्यक्ष लोहा सिंह, भाकपा नेता पुनित मुखिया आदि ने डीएम से क्वार्टर मरम्मत के नाम पर हुई लाखों रुपये खर्च जांच करने की मांग की है.

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