रद्द होने के बाद नहीं बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस
Updated at : 07 Nov 2017 4:14 AM (IST)
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ड्राइविंग लाइसेंस में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक परिवहन विभाग के सिस्टम को किया जा रहा दुरुस्त खगड़िया : अधिकारी की आंखों में धूल झोंक कर अब एक आइडी पर अलग-अलग राज्यों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा पायेंगे. और न ही ब्लैक लिस्टेड वाहन का संचालन कर पायेंगे. परिवहन मंत्रालय शीघ्र ही डीटीओ आॅफिस को केंद्रीय सर्वर […]
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ड्राइविंग लाइसेंस में फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
परिवहन विभाग के सिस्टम को किया जा रहा दुरुस्त
खगड़िया : अधिकारी की आंखों में धूल झोंक कर अब एक आइडी पर अलग-अलग राज्यों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा पायेंगे. और न ही ब्लैक लिस्टेड वाहन का संचालन कर पायेंगे. परिवहन मंत्रालय शीघ्र ही डीटीओ आॅफिस को केंद्रीय सर्वर से जोड़ने की प्लानिंग कर रहा है. जिसकी कवायद शुरू हो चुकी है. नये परिवहन कानून के तहत विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है. अभी परिवहन विभाग से निर्गत लाइसेंस व नंबर प्लेट की जानकारी सिर्फ राज्य स्तर पर ही मिल पा रही है.
लेकिन, इस तकनीक से देश के किसी भी राज्य से ड्राइविंग लाइसेंस या वाहनों के रजिस्ट्रेशन की जांच की जा सकेगी. इसके कारण न तो फर्जी लाइसेंस बन पायेगा और न ही कोई गलत रजिस्ट्रेशन करवा पायेंगे.
जिला मुख्यालयों में स्थित डीटीओ कार्यालय से सीडी या ईमेल के जरिये डाटा को संबंधित कार्यालय भेजा जाता है. इसके बाद आरटीओ कार्यालय से राज्य परिवहन मुख्यालय डाटा भेजा जाता है और फिर परिवहन मुख्यालय से एनआइसी को डाटा भेजा जाता है. इसमें भी सीडी और ईमेल की मदद ली जाती है. इससे डाटा भेजने में कई दिनों का समय लग जाता है.
एनआइसी करेगा मॉनीटरिंग
परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो एनआइसी यानी नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर ने सेंट्रलाइज सर्वर तैयार किया है. सर्वर से जिला परिवहन कार्यालय को जोड़ा जायेगा. जिले का परिवहन कार्यालय से फीड होने वाला डाॅटा डायरेक्ट एनआइसी के सेंट्रल सर्वर पर शो करेगा. परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर को एनआइसी के नये सॉफ्टवेयर के हिसाब से चलना पड़ेगा.
ये होंगे इसके फायदे
एक आइडी पर एक व्यक्ति किसी एक राज्य के डीटीओ ऑफिस में ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेगा. डीएल और वाहन ब्लैक लिस्ट होने पर वह नेशनल सर्वर शो करेगा. इस तरह एक बार लाइसेंस रद्द होने के बाद देश में कहीं नहीं बनेगा. इससे आपराधिक गतिविधियों पर भी लगाम लग जायेगी. ऑफिस में डाॅटा के साथ छेड़छाड़ नहीं हो पायेगी. कंप्यूटर पर वायरस होने पर डाॅटा उड़ने का खतरा नहीं रहेगा.
कहते हैं पदाधिकारी
परिवहन कार्यालयों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ने को लेकर प्लानिंग चल रही है. इस आशय का पत्र मिला है.एक सर्वर से सभी कार्यालय जुड़ेंगे तो इसके कई फायदे होंगे.
पुरुषोत्तम, जिला परिवहन पदाधिकारी खगड़िया.
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