शिक्षकों को ऋषि-मुनियों के ज्ञान से सीख लेने की जरूरत

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पीपी पब्लिक स्कूल में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला जहानाबाद (सदर) : स्थानीय पीपी पब्लिक स्कूल में विगत तीन दिनों से चल रही शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के तीसरे दिन पीपी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मसौढ़ी के प्रधानाध्यापक प्रो जितेंद्र कुमार ने सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का गुरुकुल शिक्षा पद्धति से समानता विषय पर आयोजित सत्र में बताया कि […]

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पीपी पब्लिक स्कूल में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला

जहानाबाद (सदर) : स्थानीय पीपी पब्लिक स्कूल में विगत तीन दिनों से चल रही शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के तीसरे दिन पीपी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मसौढ़ी के प्रधानाध्यापक प्रो जितेंद्र कुमार ने सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन का गुरुकुल शिक्षा पद्धति से समानता विषय पर आयोजित सत्र में बताया कि आज के शिक्षकों को हमारी प्राचीन संस्कृति तथा ऋषि मुनियों के ज्ञान, आचरण व उनका छात्रों के प्रति स्नेह और समर्पण से सीख लेने की जरूरत है.
सीबीएसइ द्वारा लागू सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन कुछ हद तक गुरुकुल पद्धति के गुरुओं द्वारा अपने छात्रों का की जानेवाले मूल्यांकन प्रक्रिया के सामान है. उन्होंने कहा कि छात्रों का सही मूल्यांकन वही शिक्षक कर सकते हैं, जिसने उसे नियमित पढ़ाया हो और उसके हर एक क्रियाकलाप से पूर्ण परिचित हो.
इस मौके पर सभी प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा पाठ्य योजना के अनुसार प्रशिक्षकों के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें उनकी शिक्षण कला की बारीकियां तथा विषयगत ज्ञान का अवलोकन करते हुए मूल्यांकन किया गया. शिक्षण शास्त्र एवं जीवन कौशल से संबंधित लिखित परीक्षा का भी आयोजन किया गया जिसके माध्यम से रोचक और अनुकरणीय परिणाम उभर कर सामने आया. शिक्षकों ने ऐसी गतिविधियों का आयोजन कर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि
यह उनके छात्र जीवन के यादों को ताजा करता है अंत में वरीय शिक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में आधुनिक परिपेक्ष्य में प्राचीन शिक्षा पद्धति की उपयोगिता विषय पर परिचर्चा विषय का आयोजन किया गया जिसमें आनंत कुमार, मनीष कुमार, अजीत कुमार, रेवती कुमारी, नीलम कुमारी, विजय कुमार समेत कई शिक्षकों ने भाग लिया.
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