डायरिया से अब तक छह की मौत

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मुसीबत. बाढ़ व बरसात का पानी निकलते ही बीमारियों का प्रकोप नहीं हो रहे रोक-थाम के उपाय जहानाबाद : जिले के शहरी और ग्रामीण इलाके में दिनों दिन डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. गंदगी की समुचित सफाई नहीं होने और गंदे पानी का सेवन करने से लोग उक्त बीमारी की चपेट में आ […]

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मुसीबत. बाढ़ व बरसात का पानी निकलते ही बीमारियों का प्रकोप

नहीं हो रहे रोक-थाम के उपाय
जहानाबाद : जिले के शहरी और ग्रामीण इलाके में दिनों दिन डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. गंदगी की समुचित सफाई नहीं होने और गंदे पानी का सेवन करने से लोग उक्त बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. खासकर महादलित बस्तियों में सफाई के अभाव में डायरिया से लोग आक्रांत हो चुके हैं. नदियों में आयी बाढ़, ग्रामीण इलाके में फैले बाढ़ का पानी और बरसात के पानी का जमाव खत्म होने के बाद इसका प्रकोप बढ़ गया है.
सरकारी अस्पतालों और डॉक्टरों के निजी क्लिनिक में रोज डायरिया से आक्रांत लोग इलाज कराना पहुंच रहे हैं. जिन्हें सेलाइन और अन्य आवश्यक दवा देकर इलाज किया जा रहा है. अब तक कम से कम छह लोगों की मौत डायरिया से हो चुकी है. उल्लेखनीय है कि शहर से बहने वाली दरधा नदी में आयी बाढ़ का पानी नदी के किनारे के मुहल्लों तक फैल गयी थी. उधर जिले के रतनी, मखदुमपुर, मोदनगंज और घोसी प्रखंड क्षेत्र के गांवों में मोरहर, बलदईया, जमुने एवं फल्गू नदी का पानी गांवों में प्रवेश कर गया था. इसके अलावा कमोबेश कई स्थानों पर बारिश का पानी जमा हो गया था जो अब धीरे-धीरे निकल चुका है,
लेकिन इससे फैली गंदगी से सड़ांध फैल गयी है. तीखी धूप निकलने के बाद गंदगी से दुर्गंध फैलने के कारण डायरिया फैल गया है. शहरी क्षेत्र में ही गंदगी से दुर्गंध उठ रही है. शहर के मलहचक मोड़ से लेकर लोकनगर मुहल्ले तक नाला किनारे गंदगी बजबजा रही है. उस पर सुअरों का झुंड मंडरा रहा है फिर यह झुंड महादलित बस्तियों तक चला जाता है जहां बीमारी फैल रही है. मलहचक मोड़ से पूरब के इलाके में लोग चेहरे पर रूमाल ढक कर गुजरते हैं. आम लोगों के अलावा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों का आवागमन होता है. उधर राजाबाजार के मुहल्लों में भी सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है. शिवाजी पथ और सब्जी हाट एरिया में सघन सफाई अभियान चलाने की जरूरत है.
सैकड़ों का चल रहा सदर अस्पताल में इलाज: जिले के विभिन्न स्थानों पर डायरिया से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. सैकड़ों की संख्या में आक्रांत मरीजों का इलाज सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा निजी डॉक्टरों के क्लीनिकों में कराया गया है. डायरिया से शहर के टेनी बिगहा महादलित टोले में दो बच्चों की मौत हो चुकी है. अमैन पंचायत के कोसडिहरा गांव में एक, काको के सैदपुर गांव में दो और गुरुवार को काको बाजार निवासी एक युवक डायरिया की चपेट में आने से असमय काल-कवलित हो चुके हैं.
शहरी क्षेत्र में भी गंदगी के कारण महामारी फैलने की है आशंका
नहीं है डंपिंग जोन, जहां तहां फेंके जा रहा कूड़ा
शहर के सभी 33 वार्डों से निकलने वाली गंदगी को फेंकने के लिए अब तक एक डंपिंग जोन तक नहीं बन पाया है. ऐसी हालत में सफाई कामगार जो कुड़े-कचरे का उठाव कर रहा है और उसे नदी के किनारे ही आवागमन वाले रास्ते पर फेंक रहा है. अस्पताल मोड़ दरधा पुल के समीप नदी तट पर सड़क किनारे और जाफरगंज पुल के समीप कचरे फेंक दिये जा रहे हैं. धूप निकलने पर उससे संड़ाध उठ रही है यदि युद्ध स्तर पर चूने या दवा का छिड़काव नहीं किया गया तो डायरिया महामारी का रूप ले सकती है.
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