सोनो : प्रसव के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में आक्रोशितों ने किया हंगामा व तोड़फोड़

Updated at : 08 Nov 2018 5:59 AM (IST)
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सोनो : प्रसव के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में आक्रोशितों ने किया हंगामा व तोड़फोड़

दोषी चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी के विरुद्ध परिजन ने दिया थाना में शिकायती आवेदन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा बीडीओ ने दिया मुआवजा का भरोसा सोनो : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनो में प्रसव के दौरान एक महिला की हुई मौत से आक्रोशित परिजनों व पड़ोसियों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. मृतक […]

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दोषी चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी के विरुद्ध परिजन ने दिया थाना में शिकायती आवेदन
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बीडीओ ने दिया मुआवजा का भरोसा
सोनो : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनो में प्रसव के दौरान एक महिला की हुई मौत से आक्रोशित परिजनों व पड़ोसियों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया.
मृतक महिला 25 वर्षीय खुशबू देवी बलथर पंचायत के तेरुखा गांव निवासी अजय पासवान की पत्नी थी. प्रसव पीड़ा के बाद उसकी गोतनी व अन्य परिजनों ने उसे मंगलवार तड़के सुबह 3 बजे अस्पताल लायी थी. परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा शशि भूषण चौधरी व दो एएनएम पर चिकित्सा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए दोषी पर कार्रवाई व पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे.
लोगों के आक्रोश को देखते हुए चिकित्सक व चिकित्साकर्मी अस्पताल छोड़कर छिप गये जिस कारण अस्पताल में घंटो चिकित्सीय सेवा ठप रहा.सूचना मिलते ही प्रभारी थानाध्यक्ष शंभु शर्मा, एसआई भूपेंद्र कुमार व एएसआई रामाशीष यादव पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे व आक्रोशित लोगों को समझाने में लग गए.
पुलिस इस बात को लेकर सतर्क थी कि उपद्रवियों द्वारा अस्पताल या कर्मियों को कोई नुकसान न हो. प्रखंड विकास पदाधिकारी रविजी भी मौके पर आकर परिजनों को समझाया व मुआवजा दिलाने का आश्वासन देते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया.
मृतक खुशबू के चचेरा ससुर भदी पासवान ने अस्पताल में तैनात चिकित्सक व कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को आवेदन दिया. परिजनों के शिकायत के आलोक में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया व दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया. मौके पर पहुंचे पंचायत के मुखिया ललित नारायण सिंह द्वारा कबीर अंत्येष्टि राशि देने की बात करते हुए अन्य उचित मुआवजा दिलाने की बात किया गया. बीडीओ द्वारा मुआवजा देने व पुलिस द्वारा कार्रवाई का भरोसा देने के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए और दोपहर बाद अस्पताल से घर लौटे.
गोतनी की मौत पर बिलखती रानी की आंखों से नहीं थम रहा था आंसू
अपनी छोटी गोतनी खुशबू की मौत पर रानी देवी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था. अस्पताल परिसर में बिलखते-बिलखते बेहोश हो जाती रानी को जब होश आता तो उसके सब्र का बांध टूट जाता.
कभी अपनी बहन तुल्य गोतनी की मौत पर विलाप करती तो कभी उग्र रूप धारण कर दोषी चिकित्सक व नर्स के विरुद्ध अपना आक्रोश निकालती. दरअसल, खुशबू की प्रसव पीड़ा के बाद रानी ही उसे लेकर अस्पताल आयी थी. घर में न तो खुशबू के पति थे और न ही रानी के पति. दोनों भाई बाहर में मजदूरी करते है. रानी के ऊपर ही खुशबू की जिम्मेदारी थी. इसका एहसास उसे और अधिक उद्वेलित कर रहा था. अस्पताल परिसर में बिलखती रानी को पड़ोस की महिलाएं संभालने में लगी थी.
दो वर्ष के बच्चे से छिन गया मां का आंचल
खुशबू देवी की मौत के साथ ही अजय पासवान के घर की खुशियों की भी मौत हो गयी. उसके दो वर्षीय पुत्र से उसकी मां का आंचल छीन गया. घर मे एक संतान के आने की खुशी से परिवार आनंदित था. लेकिन ईश्वर की शायद कुछ और ही मर्जी थी. अजय के घर की सारी खुशियां क्षण भर में गायब हो गयी. अजय दिल्ली में रिक्शा चलाता है. पत्नी की मौत की खबर सुनकर उस पर क्या बीती होगी सहज समझा जा सकता है. खुशबू की मौत से पड़ोसी भी दुखी है.
हम उम्मीद में बैठ रहे, खुश्बू की हो गयी मौत
सोमवार की देर रात खुशबू को प्रसव पीड़ा होने पर उसे लेकर हमलोग सोनो अस्पताल आये. चिकित्सक व नर्सों ने मरीज को देखकर हमें आश्वासन देते रहे कि प्रसव सही तरीके से हो जायेगा. हम सही तरीके से प्रसव की उम्मीद लगाये बैठे रहे. सुबह हमें बताया गया कि खुशबू की मृत्यु हो गयी. चिकित्सक यदि उस वक्त रेफर करते तो जान बच जाती लेकिन इन लोगों ने साफ तौर पर लापरवाही बरती जिस कारण खुशबू की मौत हुई.
रानी देवी, तेरुखा, मृतक की बडी गोतनी
चिकित्सक ने निभाया कर्तव्य
प्रसव पीड़ा से कराहती खुशबू देवी मंगलवार के तड़के सुबह चार बजे अस्पताल आयी. परिजनों से पूछने पर यह बात सामने आयी थी कि इससे पूर्व उसे दो प्रसव सिजिरियन से हो चुका है लिहाजा तीसरे प्रसव के नॉर्मल डिलिवरी की काफी कम संभावना को देखते हुए उनके साथ आये लोगों को फौरन जमुई सदर अस्पताल ले जाने को कहा और मरीज को रेफर कर दिया.
उस वक्त एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण ये लोग वाहन की खोज में गये, लेकिन इस बीच खुशबू की मृत्यु हो गयी. एक चिकित्सक का जो कर्तव्य है उसके अनुसार हमने चिकित्सा में कोई लापरवाही नहीं बरती.
डा शशि भूषण चौधरी, चिकित्सा करने वाले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सोनो
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