नवान्न पूजा कर पुरखों को समर्पित करते हैं नया अन्न
जमुई : भारतीय संस्कृति में पर्व और त्यौहार का अपना एक अलग ही स्थान है. अलग-अलग मौकों पर खुशियां मनाने के लिए लोग अलग-अलग त्योहार मनाते हैं. लेकिन ग्रामीण इलाकों में कुछ पूजा और त्योहार आज भी ऐसे हैं जिसे लोग काफी अलग तरीके से मनाते हैं. जिसमें नवान्न पूजा अपने आप में एक अलग […]
जमुई : भारतीय संस्कृति में पर्व और त्यौहार का अपना एक अलग ही स्थान है. अलग-अलग मौकों पर खुशियां मनाने के लिए लोग अलग-अलग त्योहार मनाते हैं. लेकिन ग्रामीण इलाकों में कुछ पूजा और त्योहार आज भी ऐसे हैं जिसे लोग काफी अलग तरीके से मनाते हैं. जिसमें नवान्न पूजा अपने आप में एक अलग ही महत्व रखता है. भारत में खासकर किसानों के फसल चक्र को देखते हुए कई पूजा का आयोजन किया जाता है.
जिसमें धान की फसल की कटाई तथा कुटाई हो जाने के बाद लोग मकर संक्रांति के अवसर पर त्योहार मनाते हैं. इस दौरान लोग दही-चूड़ा का सेवन करते हैं तो वहीं अन्य राज्यों में बिहू और भोगाल बिहू जैसे पर्व मनाए जाते हैं. कुछ इसी तरह जब धान की नई फसल तैयार होती है तब ग्रामीण इलाकों में बड़ी जोर शोर से नवान्न पूजा का आयोजन किया जाता है.
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