Hajipur News: (कैफ अहमद) बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा. यह कार्यक्रम पूर्वाह्न 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें पंचायतों के विकास कार्यों, योजनाओं और वित्तीय गतिविधियों की जानकारी आम लोगों के साथ साझा की जाएगी.
विकास योजनाओं और पंचायत निधि का होगा सार्वजनिक विवरण
पंचायत विकास दिवस के दौरान पंचायतों की उपलब्धियों, चल रही विकास योजनाओं, पंचायत निधियों के उपयोग, आय-व्यय विवरण, ई-ग्राम स्वराज एवं ई-पंचायत पोर्टल पर दर्ज योजनाओं तथा आगामी विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी. इसका उद्देश्य पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाना और लोगों को योजनाओं से जोड़ना है.
सतत विकास लक्ष्यों और पंचायत उन्नयन पर होगी चर्चा
कार्यक्रम में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), पंचायत उन्नयन सूचकांक तथा पंचायतों की विकास आवश्यकताओं और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी लिए जाएंगे.
जनप्रतिनिधियों से लेकर जीविका समूहों की होगी भागीदारी
इस आयोजन में ग्राम सभा के सदस्यों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, जीविका समूह, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविकाएं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा अन्य स्थानीय हितधारक सक्रिय रूप से भाग लेंगे. कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और आम ग्रामीणों के बीच संवाद को मजबूत करना है.
पारदर्शिता और जनसहभागिता बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस
पंचायत विकास दिवस के माध्यम से विकास कार्यों में पारदर्शिता, सामाजिक सहभागिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा. ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और सुझावों को भी प्राथमिकता दी जाएगी.
जिला पदाधिकारी ने दिए प्रभावी आयोजन के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस ग्रामीण विकास, जनसंवाद और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण मंच बनेगा. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम का प्रभावी ढंग से आयोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसे पंचायतों के समग्र और सतत विकास का सशक्त माध्यम बनाया जा सके.
उप विकास आयुक्त करेंगे निगरानी
कार्यक्रम की जिला स्तर पर निगरानी उप विकास आयुक्त करेंगे, जबकि प्रखंड स्तर पर बीडीओ एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी इसकी देखरेख करेंगे. प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक पंचायत में यह आयोजन नियमित और प्रभावी रूप से संपन्न हो.
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