कम रुपये मिलेंगे तो कैसे चलेगा घर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Dec 2016 9:03 AM (IST)
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सैलरी का पैसा नहीं मिलने पर आक्रोश गोपालगंज . एक महीने तक दस से पांच बजे तक ड्यूटी की, उसके बाद जब तनख्वाह लेने का दिन आया तो घंटों कतार में लगना पड़ रहा है. सैलरी भी पूरी नहीं निकाल सकती. यह पीड़ा शुक्रवार को तनख्वाह लेने बैंक आये अधिकतर सरकारी कर्मियों की रही. एसबीआइ […]
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सैलरी का पैसा नहीं मिलने पर आक्रोश
गोपालगंज . एक महीने तक दस से पांच बजे तक ड्यूटी की, उसके बाद जब तनख्वाह लेने का दिन आया तो घंटों कतार में लगना पड़ रहा है. सैलरी भी पूरी नहीं निकाल सकती.
यह पीड़ा शुक्रवार को तनख्वाह लेने बैंक आये अधिकतर सरकारी कर्मियों की रही. एसबीआइ की शाखा में एक सरकारी कार्यालय में तैनात कर्मी दिलीप सिंह ने कहा कि पूरे महीने का बजट बिगड़ गया. गुस्से में कहा कि बताइए ऐसा भी होता है क्या… सरकारी नौकरी करनेवाले की सैलरी क्या कालाधन है जो उसे भी पूरा नहीं निकाल सकते. इनकम टैक्स देते हैं, उसके बाद भी अपनी सैलरी नहीं निकाल सकती. अगर आरबीआइ के पास नोट नहीं है, तो इसकी व्यवस्था होनी चाहिए. पीएनबी की शाखा में राजीव कुमार ने कहा, सर 11 बजे से कतार में लगे हैं. पैसा कब मिलेगा पता नहीं.
सरकार अगर सैलरी निकालने में रकम तय कर रही है, तो नोटबंदी के समय तक ड्यूटी भी कम कर दें. सैलरी से पूरे महीने का घर का बजट बनता है. कैसे होगा बताइए. ग्रामीण बैंक की शाखा में पेमेंट के लिए शिक्षिका सुनिता देवी ने कहा कि कैश की कमी से आज तनख्वाह में से 24 हजार भी नहीं निकाल सके. बैंक के पास कैश नहीं होने के कारण महज दो हजार रुपये दिये जा रहे थे.
कई लोगों को सरकार द्वारा एक सप्ताह में न्यूनतम 24 हजार रुपये की निकासी की भी सुविधा नहीं मिल सकी. कई शाखा प्रबंधकों ने स्वीकार किया कि कैश की कमी से हम सरकार द्वारा रुपये निकालने की न्यूनतम रकम भी नहीं दे पा रहे.
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