ऋण माफी योजना के लाभ के वंचित 613 बुनकरों की हालत खस्ता
ऋण माफी योजना के लाभ के वंचित 613 बुनकरों की हालत खस्ता ऋण की माफी की अधिसूचना के बाद भी 613 बुनकर दबे हैं कर्ज के बोझ से ऋण माफी योजना ही नहीं, बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना में भी चारों जिले पिछड़े राज्य मुख्यालय ने 15 दिनों में तलब की ऋण माफी और बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना […]
ऋण माफी योजना के लाभ के वंचित 613 बुनकरों की हालत खस्ता ऋण की माफी की अधिसूचना के बाद भी 613 बुनकर दबे हैं कर्ज के बोझ से ऋण माफी योजना ही नहीं, बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना में भी चारों जिले पिछड़े राज्य मुख्यालय ने 15 दिनों में तलब की ऋण माफी और बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना की प्रोग्रेस-रिपोर्ट संवाददाता, पटना राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मेलों में बिहार के हस्तकरघा बुनकरों का जादू तो लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा है, किंतु सूबे के बुनकरों का हाल बेहाल है. बुनकर बहुल भागलपुर, बांका, रोहतास और नालंदा के 613 बुनकर कर्ज न चुकाने के कारण परेशान हैं. यह हाल तब है, जब हस्तकरघा-रेशम निदेशालय ने बुनकरों द्वारा लिये गये ऋण की माफी की अधिसूचना अगस्त, 2015 में ही जारी कर दी थी. चारों जिलों से ऋण माफी योजना व हस्तकरघा विकास योजनाओं का कोई प्रतिवेदन तक राज्य मुख्यालय को उद्योग महाप्रबंधकों ने नहीं भेजा है. जानकारी के अनुसार चारों जिलों के उद्योग महाप्रबंधकों ने अपने-अपने जिलों के डीएम से उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं लिया है. डीएम से उपयोगिता प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण अधिसूचना के बाद भी ऋण माफी योजना के लाभ से अब-तक 613 बुनकर वंचित हैं. चारों जिलों के बुनकरों ने 63.12 लाख रुपये का ऋण ले रखा है. हस्तकरघा व रेशम विभाग ने उन्हें अत्याधुनिक हस्तकरघा और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2005-06 में ऋण मुहैया तो कराया था, किंतु बुनकर कर्ज चुकाने में विफल रहें. कई बुनकरों का देहांत भी हो चुका है. चारों जिलों के बुनकर संघों नें ऋण माफी के लिए लंबा आंदोलन भी चलाया था. बुनकरों का आंदोलन रंग लाया और विभाग ने ऋण माफी की अधिसूचना जारी कर दी, किंतु जिलों के उद्योग महा प्रबंधक बुनकर ऋण-माफी योजना को जमीन पर नहीं उतार पाये. सिर्फ बुनकर ऋण माफी योजना के मोरचे पर ही अधिकारी पीछे नहीं रहें, बल्कि बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना को भी शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने में सफल नहीं हुए. हस्तकरघा व रेशम उद्योग निदेशक ने चारों जिलों के उद्योग महाप्रबंधकों से बुनकर ऋण माफी योजना और बुनकर क्रेडिट-कार्ड योजना की 15 दिनों में प्रोग्रेस-रिपोर्ट तलब की है. हस्तकरघा व रेशम उद्योग निदेशक से अधिकारियों को मिली घुड़की के बाद बुनकरों में ऋण माफी की उम्मीद जगी है.
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