रबी अभियान पर संकट

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गोपालगंज : रबी की बोआई शुरू हो गयी है. किसान खेतों की जुताई में लगे हैं. कृषि विभाग रबी अभियान को सफल बनाने के लिए दौड़ लगा रहा है. उर्वरक की भारी कमी ने न सिर्फ किसान, बल्कि विभाग को भी सोचने पर विवश कर दिया है. कृषि विभाग ने इस बार 97 हजार हेक्टेयर […]

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गोपालगंज : रबी की बोआई शुरू हो गयी है. किसान खेतों की जुताई में लगे हैं. कृषि विभाग रबी अभियान को सफल बनाने के लिए दौड़ लगा रहा है. उर्वरक की भारी कमी ने न सिर्फ किसान, बल्कि विभाग को भी सोचने पर विवश कर दिया है. कृषि विभाग ने इस बार 97 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई का लक्ष्य रखा है.

इस बोआई के लिए आवश्यक उर्वरक का लक्ष्य बना कर विभाग ने संबंधित विभाग को प्रेषित तो कर दिया है, लेकिन उपलब्धता ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है. जिले में डीएपी की आवश्यकता पांच हजार मीटरिक टन और एनपीके की आवश्यकता चार हजार मीटरिक टन है, जबकि उपलब्धता महज चार सौ और दो सौ मीटरिक टन है. पोटाश और एसएसपी की उपलब्धता अबतक शून्य रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किसान बोआई कैसे करेंगे.

यदि बोआई हो भी गयी, तो क्या लक्ष्य के मुताबिक उत्पादन हो पायेगा. उपलब्धता के सवाल पर विभाग भी चुप्पी साध लेता है.

किसानों का यह संकट विगत कई वर्षों से जारी है. लेकिन, यह सिलसिला खत्म होने की नाम नहीं ले रहा है.
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