सासामुसा चीनी मिल चालू करने के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन

Published at :04 Jan 2018 4:35 AM (IST)
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सासामुसा चीनी मिल चालू करने के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन

गोपालगंज : सासामुसा चीनी मिल को चालू कराने के लिए इलाके के किसानों ने भारी शीतलहर के बीच शहर की सड़कों पर प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट के गेट को जाम कर किसानों ने अपने हक के लिए हुंकार भरा. किसानों के आंदोलन में मजदूरों का भी साथ था. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान […]

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गोपालगंज : सासामुसा चीनी मिल को चालू कराने के लिए इलाके के किसानों ने भारी शीतलहर के बीच शहर की सड़कों पर प्रदर्शन किया. कलेक्ट्रेट के गेट को जाम कर किसानों ने अपने हक के लिए हुंकार भरा. किसानों के आंदोलन में मजदूरों का भी साथ था. किसानों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की. किसानों के आंदोलन के कारण दो घंटे तक कचहरी रोड जाम रहा. कलेक्ट्रेट के गेट को प्रशासन ने बंद करा दिया. जिससे आम लोगों को कलेक्ट्रेट के कामों के लिए आने- जाने में कठिनाई का सामना करना पड़ा.

किसानों का कहना था कि सासामुसा चीनी मिल हादसे में नौ मजदूरों की मौत हुई. तीन मजदूर अब भी मौत से जूझ रहे हैं. घटना के बाद चीनी मिल मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. चीनी मिल बंद करा दिया गया. जिससे गन्ना किसानों और चीनी मिल मजदूरों के सामने रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है.

किसानों और मजदूरों के सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो गया है. यहां 90% किसान गन्ना की खेती करते हैं. चीनी मिल बंद होने से क्षेत्र के किसानों के सामने बेरोजगारी के साथ ही विकास प्रभावित हो जायेगा. किसानों ने कहा कि इलाके के विकास में चीनी मिल की काफी प्रमुख भूमिका रही है. मिल मालिक के जेल में रहने के कारण चीनी मिल के चलने की संभावना खत्म होती जा रही है. राज्यपाल के नाम का किसानों ने ज्ञापन सौंप कर तत्काल प्रभाव से पहल करने का आग्रह किया है. किसानों के इस आंदोलन का नेतृत्व करनेवालों में अनिल कुमार मांझी,नरेंद्र यादव, मिथिलेश राय, पारस यादव, गुड्डू कुमार सिंह, राजेश देहाती, रामवती देवी, देवेंद्र सिंह, बैजू सिंह समेत सैकड़ों किसान और मजदूर शामिल थे.

अब सत्याग्रह करेंगे किसान व मजदूर : गंडक नदी पर बांध बनाने की मांग को लेकर जल सत्याग्रह कर चुके दियारा संघर्ष समिति के द्वारा चीनी मिल चलाने के लिए सत्याग्रह आंदोलन चलाने का फैसला किया गया है. इसके लिए गुरुवार को बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार की जायेगी. संघर्ष समिति संयोजक अनिल मांझी की माने तो दियारे के लोगों का प्रमुख खेती गन्ना है.
बाढ़ आने पर धान और अन्य फसल डूबकर बर्बाद हो जाती है, लेकिन गन्ना से किसानों की रोटी से लेकर दवा-इलाज, बेटी की शादी,अन्य समारोह होता है. चीनी मिल बंद के बंद होने से दियारा के किसान आत्म हत्या को विवश हो जायेंगे. उनके लिए सत्याग्रह आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है.
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