गंडक नदी के बांधों का होगा कायाकल्प

Published at :07 Nov 2017 1:44 AM (IST)
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गंडक नदी के बांधों का होगा कायाकल्प

राहत. जल संसाधन विभाग के मास्टर प्लान को सरकार ने दी मंजूरी गोपालगंज : गंडक नदी की तबाही रोकने के लिए जल संसाधन विभाग गंभीर हो गया है. विभाग जिले के 13 तटबंधों का सर्वे कर उसे न सिर्फ ऊंचीकरण बल्कि नदी के साइड में जियो बैग से डबल लेयर में पिचिंग कर मजबूत करेगा. […]

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राहत. जल संसाधन विभाग के मास्टर प्लान को सरकार ने दी मंजूरी

गोपालगंज : गंडक नदी की तबाही रोकने के लिए जल संसाधन विभाग गंभीर हो गया है. विभाग जिले के 13 तटबंधों का सर्वे कर उसे न सिर्फ ऊंचीकरण बल्कि नदी के साइड में जियो बैग से डबल लेयर में पिचिंग कर मजबूत करेगा. इतना ही नहीं नदी की धारा को मोड़ने के लिए अलग – अलग 16 बेडवार बनाने का निर्णय लिया गया है. अभियंता प्रमुख रामपुकार रंजन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने प्रत्येक तटबंध का मुआयना करने के बाद यह फैसला लिया है कि राजस्व तटबंधों को इतना मजबूत किया जाये कि नदी उस पर कटाव न कर सके. इसके लिए सिर्फ सदर प्रखंड में 8.5 सौ करोड़ की योजना तैयार की गयी है,
जबकि अहिरौलीदान से बैकुंठपुर के फैजुल्लाहपुर तक कुल 850 करोड़ की राशि से बांधो का कायाकल्प किया जायेगा. विभाग ने बाजाब्ता डीपीआर तैयार कर सरकार को सौंपी थी. इस बीच सोमवार को सरकार ने इसकी मंजूरी देते हुए केंद्र सरकार से अनुशंसा की है कि राशि का आवंटन हो सके. 50 करोड़ से अधिक की राशि खर्च होने पर केंद्र सरकार के गंगा सतर्कता आयोग से मंजूरी लेनी होती है.
उम्मीद है कि केंद्र सरकार इसे जल्द ही मंजूरी देगी. गंगा आयोग से मंजूरी मिलते ही अगले 15 माह में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. गंडक नदी में आयी बाढ़ के कारण तटबंधों के टूटने के मामले में विधायकों की पहल अब रंग लाने लगी है. विधायक सुभाष सिंह तथा बैकुंठपुर के विधायक मिथिलेश तिवारी ने लगातार जल संसाधन विभाग और केंद्र सरकार के जल संसाधन मंत्री से भी मिल कर गंडक नदी के बाढ़ से स्थायी समाधान की अपील की थी. विधायकों की पहल के बाद जल संसाधन विभाग ने बड़े स्तर पर डीपीआर तैयार कर सरकार से मंजूरी ली है.
सिधवलिया. डुमरिया निरीक्षण भवन में विधायक मिथिलेश तिवारी ने जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख रामपुकार रंजन के साथ बैठक कर घंटों मंथन किया. इस दौरान सारण तटबंध और जमीनदारी बांध के 152 किमी की दूरी की मरम्मत का कार्य 850 करोड़ की लागत से पूरा करने का निर्णय लिया गया है, जबकि सिंचाई के लिए नहरों को 2.39 हजार करोड़ में 15 माह में पूरा करने का निर्णय लिया गया है.
मशानथाना पतहरा तटबंध के छठ घाट से मेहंदिया होकर जगीरीटोला खाप मकसुदपुर तक 16 स्लोप बना कर पिचिंग करने की डीपीआर तैयार की गयी है. साथ ही बेडवार बना कर स्लोप की पिचिंग की जायेगी, ताकि बांध को सुरक्षित किया जा सके.
सरकार से इसकी मंजूरी देकर केंद्र सरकार से मंजूरी के लिए अनुशंसा की गयी है.
फोटो – 22 बी – सुभाष सिंह, सदर विधायक
इन बांधों पर होगा काम
विशुनपुर – पतहरा
मशानथाना – पतहरा
हीरापाकड़ – जगीरीटोला
भैसही – पुरैना
ख्वाजेपुर – गौसिया
सलेहपुर – टंडसपुर
डुमरिया – सलेमपुर
खोरमपुर – फैजुल्लाहपुर
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