लौटी रौनक: दवा व्यवसायियों ने सौंपे कई दस्तावेज, नौ दिनों बाद खुली दवा मंडी

Updated at :22 Dec 2016 8:26 AM
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लौटी रौनक: दवा व्यवसायियों ने सौंपे कई दस्तावेज, नौ दिनों बाद खुली दवा मंडी

गया : विगत 12 दिसंबर से बंद थोक दवा मंडी गुरुवार को खुल गयी. जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा आंदोलन समाप्त करने के बाद सभी दुकानें खुल गयीं. इतने दिनों के बाद थोक दवा दुकानें खुलने से मंडी में काफी भीड़ दिखी. जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव रवि कुमार गुड्डू ने बताया कि उनकी […]

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गया : विगत 12 दिसंबर से बंद थोक दवा मंडी गुरुवार को खुल गयी. जिला दवा विक्रेता संघ द्वारा आंदोलन समाप्त करने के बाद सभी दुकानें खुल गयीं. इतने दिनों के बाद थोक दवा दुकानें खुलने से मंडी में काफी भीड़ दिखी. जिला दवा विक्रेता संघ के सचिव रवि कुमार गुड्डू ने बताया कि उनकी मांग व दवा दुकानदारों द्वारा ड्रग अधिकारियों पर लगाये आरोपों की जांच कर रहे आइएएस अधिकारी प्रशांत कुमार ने उन लोगों को बुधवार को बुलाया गया.

श्री रवि ने बताया कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज अधिकारी को उपलब्ध करा दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रशासनिक अधिकारी निष्पक्ष जांच कर दवा व्यवसायियों की समस्या का निराकरण करेंगे. दुकानदारों के चलान जमा करने की व्यवस्था करये जाने की भी मांग उन्होंने की है़ इस दिशा में भी जल्द समाधान निकालने का आश्वसन दिया है. गौरतलब है कि ड्रग अधिकारियों पर धमकाने व दवा दुकानदारों से पैसे वसुलने के अारोप व लाइसेंस नवीकरण की प्रक्रिया में कुछ संसोधन की मांग को लेकर 12 दिसंबर से तमाम थोक दवा दुकानदार आंदोलन कर रहे थे. इस दौरान सभी थोक दुकानें बंद रही. मंगलवार को सभी दुकानदारों ने प्रमंडलीय कार्यालय के सामने पूरे दिन प्रदर्शन किया.

विभाग ने कभी नहीं मांगा हाउस एग्रीमेंट पेपर
इधर, सहायक औषधी नियंत्रक राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि ड्रग विभाग ने कभी भी किसी दुकानदार से हाउस एग्रीमेंट पेपर अनिवार्य तौर पर नहीं मांगा. दुकानदार से केवल वह कागजात मांगे गये, जिससे यह साबित हो कि वह उक्त मकान में ही अपना व्यवसाय कर रहा है. इन कागजातों में मासिक किराये की रसीद, टेलिफोन बिल, बिजली बिल शामिल है. श्री सिंह ने कहा कि यह सभी को पता है कि दुकानदारों का अपने मालिकों के साथ अक्सर विवाद होता है. ऐसे में एग्रीमेंट या अन्य जरूरी कागजात मुहैया कराने में समस्या हो सकती है. इसमें भी ड्रग विभाग दुकानदारों को सहुलियत देना चाहता है. दुकानदार केवल एक शपथ पत्र विभाग में जमा कर दें, जिसमें वह अपने व मकान मालिक के बीच चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कागजात जमा करने में असमर्थता जाहिर कर दें. विभाग ऐसे दुकानदारों को कंडिशनल नवीकरण कर देगा. श्री सिंह ने कहा वह सिर्फ यह चाहते हैं कि दवा का व्यवसाय बेहतर हो सके. सारी कोशिशें उसी के लिए है. उन्होंने कहा कि गलत दवा बेचनेवालों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई होती आयी है, यह आगे भी जारी रहेगी.
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