अब सीधे जान जाने का खतरा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Apr 2016 9:16 AM
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खतरनाक. स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती, विषाक्त रसायन पी रहे शराबी सूबे में शराब पर पाबंदी एक क्रांतिकारी सुधार है. पियक्कड़ों को छोर हर ओर इसकी सराहना की गयी. लेकिन, शराबबंदी की जद में शराब के आदी लोगों में कुछ अलग किस्म के नशापान की आदत विकसित होने लगी है. ऐसे लोग जाने-अनजाने में ऐसे […]
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खतरनाक. स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती, विषाक्त रसायन पी रहे शराबी
सूबे में शराब पर पाबंदी एक क्रांतिकारी सुधार है. पियक्कड़ों को छोर हर ओर इसकी सराहना की गयी. लेकिन, शराबबंदी की जद में शराब के आदी लोगों में कुछ अलग किस्म के नशापान की आदत विकसित होने लगी है. ऐसे लोग जाने-अनजाने में ऐसे विषाक्त रसायनों (साबुन, पेंट, बांडफिक्स, थिनर, आयोडेक्स व व्हाइटनर आदि) का सेवन करने लगे हैं, जो शराब से कहीं ज्यादा खतरनाक व जहरीला है. सरकार व शराबबंदी की मुहिम से जुड़े लोगों को इस प्रवृत्ति को समझना चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि शराबबंदी की आड़ में लोग किसी और प्रकार के नशे के एडिक्ट (आदी) हो जायें और परिणाम पहले से ज्यादा खतरनाक हो.
गया : शराबबंदी के बाद अब एक नयी किस्म की समस्या सामने खड़ी हो गयी है. शराब के आदी लोग शराब नहीं मिलने पर कुछ भी खा-पी ले रहे हैं. इनमें ऐसे विषाक्त रसायन हैं, जो शराब से भी खतरनाक व जहरीले हैं. कोई साबुन, पेंट, बांडफिक्स खा-पी रहा है, तो कोई व्हाइटनर व थिनर. स्वास्थ्य महकमे के सामने अब यह नयी चुनौती है कि ऐसे लोगों की जान कैसे बचायी जाये. विभाग के आला अफसरों ने भी साफ-साफ कह दिया है कि शराब एडिक्टों की जान हर हाल में बचानी है. जिला स्वास्थ्य विभाग भी इसकी तैयारी में लगा हुआ है.
इसी सिलसिले में शनिवार को डी-एडिक्शन सेंटर के नोडल पदाधिकारी डाॅ एमइ हक ने सभी पीएचसी के डाॅक्टरों के साथ बैठक कर प्लानिंग की. साथ ही, शराबियों की जान बचाने के लिए माॅक ड्रिल भी की गयी. इसमें उन्होंने दिखाया कि ऐसे मरीजों का प्राथमिक उपचार कैसे किया जाता है
दो तरह के जहर का खतरा: डाॅक्टरों ने बताया कि व्यक्ति को जब शराब (alcohol) नहीं मिल रही है, तो वह कुछ भी ऐसी चीजें खा ले रहा है, जिसका परिणाम मेथेनाॅल विषाक्तता (poisoning) व एथीलीन ग्लाइकाॅल विषाक्तता (poisoning) के रूप में सामने आ जाती है. ये रसायन लोगों की जान लेने में भी सक्षम होतेहैं. अगर, किसी की जान नहीं भी जाती है, तो इनसान के नर्वस सिस्टम पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है.
बोधगया : बोधगया थाना क्षेत्र स्थित भोजवर बगीचे में शराबियों के जमावड़े की सूचना पर पुलिस ने शनिवार को छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने सात लीटर देसी (महुआ) शराब के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया. बोधगया इंस्पेक्टर नरेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार होनेवाले की पहचान धर्मेंद्र मांझी, कारू मांझी, वीरेंद्र मांझी व विनोद डोम के रूप में की गयी है.
चारों का मेडिकल टेस्ट भी कराया गया. चारों के विरुद्ध अवैध रूप से शराब लाने और उसका सेवन करने के मामले को लेकर बोधगया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया. इंस्पेक्टर ने बताया कि उक्त छापेमारी के अतिरिक्त एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश पर शराब के अवैध अड्डों पर सब इंस्पेक्टर राजेंद्र राम, सहायक अवर निरीक्षक शंभुनाथ झा सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने खरांटी, बलजाेरी बिगहा व कई अन्य स्थानों पर छापेमारी की.
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