गैरलाइसेंसी दुकानों में लगेगा ताला सख्ती. बिना लाइसेंस के चल रहे सैकड़ों संस्थान

Published at :01 Feb 2017 4:50 AM (IST)
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गैरलाइसेंसी दुकानों में लगेगा ताला सख्ती. बिना लाइसेंस के चल रहे सैकड़ों संस्थान

दरभंगा : नगर निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस के चलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ताला लग जायेगा. निगम ने इसे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया जा रहा है. निगम ऐसे दुकानों को सील कर उसके बैक खाते को फ्रीज करायेगा. टैक्स अदा नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की […]

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दरभंगा : नगर निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस के चलने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ताला लग जायेगा. निगम ने इसे लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित किया जा रहा है. निगम ऐसे दुकानों को सील कर उसके बैक खाते को फ्रीज करायेगा. टैक्स अदा नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों की संख्या 20 से 25 हजार तक बतायी जा रही है. ऐसे दुकानदार लाखों की कमाई तो कर रहे हैं, लेकिन निगम को टैक्स अदा करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है.

टैक्स अदा नहीं किये जाने से निगम को प्रतिवर्ष लाखों का नुकसान हो रहा है. देखा गया है कि सैंकड़ों लोग अपने आवासीय परिसर का व्यवसायिक हित में उपयोग करते हैं. निगम से इसके लिए अनुमति तक नहीं ली गयी है. वहीं भाड़े के स्थल पर भी व्यवसाय करने वाले सैंकड़ों व्यवसायी हैं जो निबंधित नहीं हैं. इन सभी के विरूद्ध निगम कार्रवाई करने जा रहा है. निगम ने निबंधन कराने के लिए माइकिंग आदि भी कराया है. कुछ लोगों ने निबंधन कराया भी है. बावजूद अधिकांश लोगों ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखायी है.

लाइसेंस के लिए क्या है प्रावधान
नगरपालिका अधिनियम के तहत व्यापार लाइसेंस लिए बिना व्यापार करना कानूनन गलत है. निगम क्षेत्र में अनुमति लेकर ही व्यापार किया जा सकता है. व्यापारी एक या अधिक वर्षों के लिए लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं. लाइसेंस के लिए व्यापारियों को वार्षिक बिक्री का व्योरा निगम को देना होता है. निगम बिक्री के आधार पर शुल्क निर्धारित करता है. सालाना पांच लाख रूपये तक की बिक्री पर 15 सौ रूपये, आठ लाख तक दो हजार रूपये तथा इससे उपर 25 सौ रूपये प्रतिवर्ष शुल्क निर्धारित है.
25 हजार में 100 के पास लाइसेंस
शहर में वैसे तो 20 से 25 हजार व्यवसायी हैं लेकिन करीब 100 ने ही लाइसेंस ले रखा है. बांकी के व्यवसायी बिना लाइसेंस के ही लाखों की कमाई कर रहे हैं. इन लोगों को निगम के कानून की परवाह नहीं है. निगम को भी इनसे टैक्स वसूलने में पहले दिलचस्पी नहीं थी. यही कारण रहा है कि कभी भी इस दिशा सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया.
बिना लाइसेंस के व्यवसाय करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है. चालू वित्तीय वर्ष में लाइसेंस नहीं लेने पर व्यवसायियों से 1.5 प्रतिशत मासिक व्याज के साथ शुल्क की वसूली की जाएगी.
नागेंद्र कुमार सिंह,
नगर आयुक्त
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