आदि शक्ति के रूप में पूजी जातीं हैं श्री रूद्रेश्वरी

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आदि शक्ति के रूप में पूजी जातीं हैं श्री रूद्रेश्वरी श्री रूद्रेश्वरी की पूजा में लगाया जाता है मत्स्य एवं मांस का भाेग फोटो संख्या- 25परिचय- दरभंगा के श्यामाधाम अवस्थित श्री रूद्रेश्वरी मंदिर. दरभंगा. दरभंगा राज के माधवेश्वर परिसर स्थित तालाब के दक्षिण भिण्डा पर स्थित श्री रूद्रेश्वरी काली का मंदिर तीन सौ वर्ष पुराना […]

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आदि शक्ति के रूप में पूजी जातीं हैं श्री रूद्रेश्वरी श्री रूद्रेश्वरी की पूजा में लगाया जाता है मत्स्य एवं मांस का भाेग फोटो संख्या- 25परिचय- दरभंगा के श्यामाधाम अवस्थित श्री रूद्रेश्वरी मंदिर. दरभंगा. दरभंगा राज के माधवेश्वर परिसर स्थित तालाब के दक्षिण भिण्डा पर स्थित श्री रूद्रेश्वरी काली का मंदिर तीन सौ वर्ष पुराना आध्यात्मिक इतिहास को समेटे है. जहां महाराज रामेश्वर सिंह की नित्य पूजा होती थी. कहा जाता है कि 12 बजे रात्रि से उनकी पूजा इस मंदिर में प्रारंभ होती थी. इस माधवेश्वर प्रांगण का प्रथम मंदिर श्री रूद्रेश्वरी काली है, जिनकी पूजा-अर्चना आदि शक्ति के रूप में की जाती है. रूद्रेश्वरी काली की पूजा तांत्रिक विधि से की जाती है. राज परिवार द्वारा जितनी भी देवी-देवताओं की मंदिर है, उसमें दक्षिणेश्वर काली श्री रूद्रेश्वरी काली ही है. महाराजा रूद्र सिंह की चिता पर अवस्थित इस मंदिर का निर्माण महाराज भूप सिंह के द्वारा किया गया था. कहा जाता है कि इस मंदिर पर ग्रह से पीड़ित लोगों के लिए ग्रह पीड़ा से निदान हेतु किये गये अनुष्ठान से पीड़ा से तत्काल मुक्ति मिलती है. भगवती की विशेष पूजा शारदीय नवरात्रा, दीपावली, शिवरात्रि व कृष्णाष्टमी में होती है. पूजा में भगवती को मत्स्य, मांस का भोग लगाया जाता है. वहीं नवरात्रा के सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी को बलि चढ़ाया जाता है. यहां भगवती के भाेग लगाने की प्रथा में अन्य देवी की भांति नहीं है. यहां जिस बरतन में भोग सामग्री बनता है, उस बरतन सहित भोग भगवती के समक्ष समर्पित किया जाता है. प्रात: 4 बजे मंदिर का पट दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए खुल जाता है. वहीं 9 बजे प्रात: तक पूजा आरती प्रतिदिन हो जाता है. जबकि 12 बजे भोग के पश्चात मंदिर का पट बंद हो जाता है. फिर 2 बजे से दर्शनार्थियों के लिए खुलता है और 9 बजे रात्रि में पूजा-आरती के पश्चात 10 बजे पट बंद होता है. प्रधान पुजारी पंडित सदानंद झा ने बताया कि मनोवांछित फल प्रदान करती हैं श्री रूद्रेश्वरी काली. इस मंदिर की व्यवस्था व देखरेख महाराजा कामेश्वर सिंह धार्मिक न्यास द्वारा होता है.

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