कंप्यूटर व खेल गतिविधि से वंचित हैं केएस कॉलेज की छात्र-छात्राएं

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कंप्यूटर व खेल गतिविधि से वंचित हैं केएस कॉलेज की छात्र-छात्राएं फोटो संख्या- 08 व 09 परिचय- केएस कॉलेज व कीचड़ व पानी से पटा मैदान. दरभंगा: वर्षों से अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब व खेल की सुविधा से केएस कॉलेज के छात्र वंचित हो रहे हैं. खेल का मैदान कॉलेज में है पर यह अनुपयुक्त हो […]

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कंप्यूटर व खेल गतिविधि से वंचित हैं केएस कॉलेज की छात्र-छात्राएं फोटो संख्या- 08 व 09 परिचय- केएस कॉलेज व कीचड़ व पानी से पटा मैदान. दरभंगा: वर्षों से अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब व खेल की सुविधा से केएस कॉलेज के छात्र वंचित हो रहे हैं. खेल का मैदान कॉलेज में है पर यह अनुपयुक्त हो गया है. वहीं कंप्यूटर लैब के लिए भवन का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका. जबकि इन समस्याओं के निदान के लिए कॉलेज प्रशासन प्रयासरत है. वैसे कॉलेज में 2009 में आयोजित युवा महोत्सव में स्थानीय सांसद ने अपने कोष से अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब बनवाने की घोषणा की थी, ताकि छात्रों में कौशल विकास हो सके व वैश्वीकरण युग के अनुकूल वे अपने आपको तैयार कर सकें. पर इतना समय बीतने के बावजूद यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी. बताया जाता है कि इसके लिए आधा-अधूरा ही भवन का निर्माण कराया गया है. मजे की बात है कि इसी युवा महोत्सव में सरकार के तत्कालीन प्रधान सचिव नेकॉलेज के खेल मैदान को स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी जो आजतक पूरी नहीं हो सकी. खेल गतिविधि है ठपबताया जाता है कि कॉलेज के खेल मैदान में वर्षों से कोई गतिविधि नहीं हुई है. मैदान में जगह-जगह बने गड्ढे व उसमें पानी भर जाने के कारण यह अनुपयुक्त साबित हो रहा है. कॉलेज परिसर में जल जमाव को लेकर भी समस्या रहती है. शिक्षकों का है अभाव वैसे कॉलेज में भवन तो है पर शिक्षकों के अभाव के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित होता रहता है. कुल स्वीकृत 52 पदों के विरुद्ध मात्र 24 शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं कई ऐसे विभाग है जो अगले वर्ष के शुरुआत में शिक्षकविहीन हो जायेंगे. वर्तमान में दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं गृहविज्ञान में एक भी शिक्षक नहीं है. वहीं राजनीतिविज्ञान, मनोविज्ञान, भूगोल, हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत व मैथिली विषय में एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं. वहीं इतिहास में 2, समाजशास्त्र में 2, वाणिज्य में 2 शिक्षक हैं. जबकि भौतिकी एवं गणित में एक शिक्षक के सहारे होती है पढ़ाई, जबकि रसायन में 3, वनस्पति में 2 व प्राणिशास्त्र में 2 शिक्षक हैं. कहते हैं प्रधानाचार्य कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ चंद्रभानु सिंह ने बताया कि शिक्षकों एवं कर्मियों का घोर अभाव है. फलत: शैक्षणिक व कार्यालय के कार्यों के निष्पादन में कठिनाई होती है. जिसे गेस्ट फैकल्टी के द्वारा पूरा करने का प्रयास होता है.

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