किसानों को मिलेंगे मृदा स्वास्थ्य कार्ड

Published at :22 Apr 2015 2:51 AM (IST)
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किसानों को मिलेंगे मृदा स्वास्थ्य कार्ड

बहादुरपुर : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के द्वारा मंगलवार को जिलास्तरीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला कृषि कार्यालय स्थिति कृषि फॉर्म में की गयी. इसमें जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकारों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा […]

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बहादुरपुर : कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) के द्वारा मंगलवार को जिलास्तरीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला कृषि कार्यालय स्थिति कृषि फॉर्म में की गयी. इसमें जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकारों ने हिस्सा लिया. प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी सह आत्मा के परियोजना निदेशक राधारमण ने किया.
श्री रमण ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की वार्षिक कार्य योजना एंव कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को हर तीसरे वर्ष उनके खेत का मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराना है ताकि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर अपने खेतों में लक्षित उपज के लिए संतुलित खाद का प्रयोग कर सकें. जिससे किसानों को अच्छी फसल मिल सके और खेती से मुनाफा हो सके. इसके लिए जिला स्तर पर मिट्टी जांच का मैप तैयार किया जा रहा है. इसके लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 2015-16 के अंतर्गत प्रखंडवार ग्रीड का 15 हजार 990 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
सहायक निदेशक रसायन पूर्णेदु नाथ झा ने उक्त प्रशिक्षण का उद्देश्य पर चर्चा की. उन्होंने नमूनों की संख्या खेतों से मिट्टी का नमूना संग्रहण करने, नमूना संग्रहण दल का गठन, नमूना संग्रहण के लिए सामग्री पर विस्तृत जानकारी दी. मिट्टी जांच पदाधिकारी सहायक अनुमंडल पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद ने मृदा नमूना संग्रहण एवं प्रेषण पर विस्तार से बताया. उन्होंने जीपीएस कार्डिनेट के आधार पर ग्रिड चिह्न्ति करना आदि जानकारी दी.
किसानों को समय समय पर अपने खेतों के मिट्टी जांच करानी चाहिए. एक एकड़ या उससे अधिक खेतों में से 2-3 जगहों से मिट्टी ले सकते है. खेत में मेड़ या गोबर की ढेरवाली जगहों पर से नमूना ना लें, तथा खेत के किसी भाग से फसल की उपज में अंतर या मिट्टी के रंग में अंतर हो उस जगहों का नमूना अलग कर जांच करावें.
कार्यक्र म का संचालन कृषि समन्वयक धनंजय कुमार ने किया. तकनीकी पक्ष संबंधी प्रशिक्षण कृषि समन्वयक मो. शाहिद जमाल, तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रफु ल्ल कु मार झा ने दिया. प्रशिक्षण में सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी जिले के 95 कृषि समन्वयक तथा 265 विभिन्न प्रखंडों के किसान सलाहकार उपस्थित थे.
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