डीएमसीएच के ओपीडी में चौथे दिन भी मरीजों का इलाज नहीं
Updated at : 06 Aug 2019 1:15 AM (IST)
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एनएमसी बिल में संशोधन की मांग को ले ओपीडी में तालाबंदी निराश होकर अस्पताल से लौटे हजारों मरीज आज से ओपीडी में शुरू होगी चिकित्सा व्यवस्था दरभंगा :डीएमसीएच के ओपीडी में आज सोमवार को चौथे दिन भी ताला लटका रहा. एनएमसी बिल में संसोधन की मांग को लेकर जेडीए (जूनियर डॉक्टर एसोसियेशन) का कार्य बहिष्कार […]
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एनएमसी बिल में संशोधन की मांग को ले ओपीडी में तालाबंदी
निराश होकर अस्पताल से लौटे हजारों मरीज
आज से ओपीडी में शुरू होगी चिकित्सा व्यवस्था
दरभंगा :डीएमसीएच के ओपीडी में आज सोमवार को चौथे दिन भी ताला लटका रहा. एनएमसी बिल में संसोधन की मांग को लेकर जेडीए (जूनियर डॉक्टर एसोसियेशन) का कार्य बहिष्कार जारी रहा. हताश-निराश मरीज व परिजन बिना इलाज कराये लौट गये. इससे खासकर गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर मरीज व परजनों खासे परेशान रहे.
इधर, सोमवार की शाम जेडीए ने कल से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है. कल मंगलवार से ओपीडी में इलाज सुचारू हो जाएगा. रोजाना करीब दो हजार से अधिक मरीज व परिजन इलाज कराने के लिए ओपीडी पहुंचते हैं. ओपीडी में तालाबंदी के कारण परिजनों को रोजाना आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही थी. ओपीडी की चिकित्सा व्यवस्था बंद रहने से अधिकांश सीनियर डॉक्टर नदारद थे.
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की अभी तक नहीं ली सुध : जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण विगत चार दिनों से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गयी. सैकड़ो लोग इलाज नहीं होने पर आंखों में आंसू लिये वापस चले गये. ओपीडी को छोड़ अन्य विभागों में शनिवार की दोपहर से हड़ताल समाप्त कर दी गयी थी. बावजूद संबंधित वार्डों में अभी तक चिकित्सा व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी है. मरीजों को अपने हाल पर छोड़ रखा गया है. इस कारण मरीज व परिजन आक्रोशित नजर आ रहे हैं.
अधिकारियों व डॉक्टरों की संवेदनहीनता की चर्चा आम लोग कर रहे हैं. गोढ़ियारी के आठ वर्षीय अमन कुमार के पैर में प्लास्टर है. प्लास्टर काटने के लिये चिकित्सकों ने आज बुलाया था, लेकिन हड़ताल के कारण अमन का उपचार नहीं हो सका. उसके मां- पिता ने कहा कि डॉक्टरों में दया होनी चाहिये.
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