चिकित्सक के इंतजार में एआरटी सेंटर के ओपीडी में बैठे रहे मरीज
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :10 May 2018 5:34 AM (IST)
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तीन में से एक भी चिकित्सक नहीं पहुंचे ढाई घंटे बाद पहुंचे डॉक्टर, तब शुरू हुआ उपचार एचआइवी मरीजों के लिए दवा छूटना घातक ओपीडी में पहुंचते डेढ़ सौ से दौ सौ मरीज दरभंगा : डीएमसीएच के एआरटी सेंटर के ओपीडी में चिकित्सकों की लापरवाही बुधवार खुलकर सामने आ गयी. उपचार के लिए मरीजों की […]
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तीन में से एक भी चिकित्सक नहीं पहुंचे
ढाई घंटे बाद पहुंचे डॉक्टर, तब शुरू हुआ उपचार
एचआइवी मरीजों के लिए
दवा छूटना घातक
ओपीडी में पहुंचते डेढ़ सौ से
दौ सौ मरीज
दरभंगा : डीएमसीएच के एआरटी सेंटर के ओपीडी में चिकित्सकों की लापरवाही बुधवार खुलकर सामने आ गयी. उपचार के लिए मरीजों की कतार लगी थी, लेकिन एक भी चिकित्सक मौजूद नहीं थे. थककर मरीज कतार में ही नीचे बैठ गये. करीब ढाई घंटे की प्रतीक्षा के बाद एक डॉक्टर पहुंचे. इसके बाद मरीजों का उपचार हो सका. मालूम हो कि दूर-दराज से आये एचआइवी पोजिटिव मरीज उपचार व दवा के लिए कतार में खड़े थे. चिकित्सकों के अनुसार इस बीमारी में एक भी दिन दवा छूटना मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है, बावजूद चिकित्सक समय पर नहीं पहुंचे. ओपीडी सुबह नौ बजे शुरू हो जाता है,
लेकिन 11.40 बजे तक एक भी चिकित्सक वहां नहीं पहुंचे थे. ओपीडी में तीन चिकित्सकों की ड्यूटी लगी थी. लापरवाही का यह आलम था कि उनमें से एक भी चिकित्सक वहां मौजूद नहीं थे. इस बात की शिकायत किसी ने सेंटर के नोडल ऑफिसर डॉ एएन सिन्हा को कर दी. उसके बाद आनन-फानन में 11.45 बजे चिकित्सक डॉ मनीष कुमार वहां पहुंचे. इसके बाद मरीजों का उपचार शुरू हो पाया.
सीमावर्ती क्षेत्रों से उपचार के लिए आते मरीज
एंटी रेट्रो वाइरलथेरेपी सेंटर (एआरटी) के ओपीडी में नित्य डेढ़ सौ से दो सौ मरीज परामर्श व दवा लेने के लिए पहुंचते हैं. चिकित्सक उनको किसी भी परिस्थिति में दवा नहीं छोड़ने की बात कहते हैं. इस कारण अहले सुबह से आसपास के क्षेत्रों से मरीज व परिजन यहां इलाज व दवा के लिए पहुंच जाते हैं, लेकिन यहां की लचर व्यवस्था के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
बगैर परामर्श लिये लौटे मरीज
कई मरीज बेगैर परामर्श लिये वापस घर लौट गये. उन मरीजों का कहना था कि ढाइ घंटों से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक कोइ चिकित्सक नहीं आये. लापरवाही की हद हो गयी. घर में काम होने के कारण बेगैर चिकित्सक से मिले वापस जा रहे हैं. चिकित्सक समय पर आते तो यह काम भी हो जाता, लेकिन यहां की कुव्यवस्था के कारण इलाज नहीं हो सका.
समय हो जाने के बाद भी चिकित्सक वहां नहीं पहुंचे. यह खेदजनक है. उनसे संपर्क कर रहा हूं. इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए कदम उठायेंगे.
– डॉ एन सिन्हा,
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