पकड़े जा रहे कानून हाथ में लेनेवाले

Published at :25 May 2016 6:43 AM (IST)
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पकड़े जा रहे कानून हाथ में लेनेवाले

शराबबंदी. 50 िदन में 157 छापेमारी, 11 हजार लीटर शराब जब्त, 121 को जेल शराबबंदी के बाद के आंकड़े थाना देशी/विदेशी शराब नष्ट छापेमारी गिरफ्तारी मझौलिया 68 900 77 8 शिकारपुर 166 – 9 13 सहोदरा 731 3000 28 31 मटियरिया 15 0 15 0 बलथर 18 – 0 32 टाउन थाना 1.5 510 6 […]

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शराबबंदी. 50 िदन में 157 छापेमारी, 11 हजार लीटर शराब जब्त, 121 को जेल

शराबबंदी के बाद के आंकड़े
थाना देशी/विदेशी शराब नष्ट छापेमारी गिरफ्तारी
मझौलिया 68 900 77 8
शिकारपुर 166 – 9 13
सहोदरा 731 3000 28 31
मटियरिया 15 0 15 0
बलथर 18 – 0 32
टाउन थाना 1.5 510 6 7
सिकटा 57 500 1 13
चनपटिया 0 500 1 2
सिरसिया 14 2200 2 4
लौरिया 2 500 3 2
बैरिया 100 900 0 3
मैनाटांड 500 0 4 3
मानपुर 56 0 11 3
बेतिया : शराबबंदी को भले ही आज डेढ़ माह से उपर हो गये, लेकिन जिले में अभी भी शराब बिक रहे हैं! यह हम नहीं कह रहे हैं कि ब्लकि पुलिस की कार्रवाई खुद-ब-खुद इसकी चुगली कर रही है़
हर रोज मिल रही शराब की खेप यह बताने को काफी है कि पुलिस कारोबारियों में खौफ लाने में नाकाम है़ वहीं नशामुक्ति केंद्र के आंकडें भी इसकी सच्चाई बखूबी दिखा रहे है़ इन आंकड़ों की माने तो जिले में अभी न तो शराब का उत्पादन रूका है और न ही इसकी बिक्री बंद हुई है!
आंकड़े तस्दीक करते हैं कि एक अप्रैल से शराबबंदी के बाद से पुलिस व उत्पाद विभाग ने इसके खिलाफ अभियान चलाना शुरू किया़ इस अवधि में 157 जगहों पर छापेमारी की गई़ करीब 1158 लीटर देशी व विदेशी शराब जब्त हुए़ 9010 लीटर शराब नष्ट किये गये़ 121 को जेल भेजा गया़ लेकिन, शराब पीने और बेचे जाने के मामले अभी भी पकड़ में आ रहे है़ं नतीजतन कारोबारियों में इसका तनिक भी खौफ नहीं दिख रहा है़
22 लाख का हर रोज डकार लेते थे शराब : शराबबंदी से पहले जिले में हर रोज करीब 22 लाख रुपये की शराब बिकती थी़ इसमें देशी, विदेशी व बीयर शामिल थे़
शराब पर कड़ा कानून बनाने को लेकर भले ही हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है, लेकिन सीमाई इलाके बेितया में शराब के कारोबारी लगातार कानून को हाथ में ले रहे हैं. कार्रवाई के बाद भी लगातार शराब बरामद हो रही है . आरोपी जेल भेजे जा रहे है़ं छापेमारी भी हो रही है़ बावजूद इसके कारोबारियों में इस कानून का खौफ पैदा करने में पुलिस व उत्पाद विभाग की कोिशशों मे कमी िदखती है.
अप्रैल से अबतक के बरामदगी व नशा मुक्ति केंद्र के आंकड़े कह रहे कहानी
जिले में चोरी-िछपे हो रही है शराब की िबक्री
जहां भी शराब की सूचना िमलती है , वहां तुरंत ही छापेमारी की जा रही है़ ़ नेपाल के बॉर्डर पर भी इस तरह की छापेमारी की जा रही है़ लगातार अभियान चलाये जा रहे हैं़ जो भी शराब बेचते या पीते पकड़े जा रहे हैं , वहां उन्हें पकड़कर जेल भेजा जा रहा है़
राकेश कुमार , उत्पाद अधीक्षक
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