दस्तावेज सही नहीं रहने के कारण जांच अधूरी

Published at :05 Jul 2015 8:02 AM (IST)
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दस्तावेज सही नहीं रहने के कारण जांच अधूरी

बगहा : आइसीडीएस बगहा एक में क्रय पंजी व पोषाहार में अनियमितता की शिकायत मिलने पर शुक्रवार को निदेशालय पटना से सहायक निदेशक राजयनंद वाडियार ने कार्यालय का औचक निरीक्षण कर परियोजना अंतर्गत विभिन्न वित्तीय पंजी रजिस्टर की जांच किया. कार्यालय कर्मी व पर्यवेक्षिकाओं की उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन प्रभारी सीडीपीओ शबिना अहमद के द्वारा […]

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बगहा : आइसीडीएस बगहा एक में क्रय पंजी व पोषाहार में अनियमितता की शिकायत मिलने पर शुक्रवार को निदेशालय पटना से सहायक निदेशक राजयनंद वाडियार ने कार्यालय का औचक निरीक्षण कर परियोजना अंतर्गत विभिन्न वित्तीय पंजी रजिस्टर की जांच किया. कार्यालय कर्मी व पर्यवेक्षिकाओं की उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन प्रभारी सीडीपीओ शबिना अहमद के द्वारा सहायक निदेशक को अवगत कराया गया.
सहायक निदेशक ने बताया कि कार्यालय मेंकैश बुक का विगत माह से प्रभार नहीं होने तथा बगैर कैश बुक का प्रभार हुए अप्रैल माह में प्रधान लिपिक रामबाबू सिंह के द्वारा मई माह में टीएचआर का वितरण किया गया. यह मामला संदिग्ध है. जिससे कार्यालय में वित्तीय विभिन्न अभिलेखों का अपटूडेट नहीं रहने से जांच आधा-अधूरा किया जा सका.
जिला पार्षद की शिकायत पर पहुंची जांच टीम
सहायक निदेशक ने बताया कि जिला पार्षद रानी तिवारी व अन्य ग्रामीणों ने शिकायत किया था कि परियोजना कार्यालय के द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के सेविकाओं से क्रय पंजी व पोषाहार के लिए अवैध पैसा की उगाही किया जाता है. सेविका के द्वारा पैसा नहीं दिये जाने पर क्रय पंजी व पोषाहार रोक दिया जाता है. जिसे लेकर निदेशालय से जांच टीम गठित कर कार्यालय में वित्तीय विभिन्न पंजी रजिस्टर की जांच किया जा रहा है.
कार्यालय में हुई पंजी की जांच
सहायक निदेशक श्री वाडियार ने पोषाहार आवंटन पंजी, बील बुक, चेक बुक, वेतन भुगतान पंजी, सेविका-सहायिका मानदेय पंजी, पर्यवेक्षिका व कर्मी पंजी रजिस्टर तथा दैनिक उपस्थिति रजिस्टर का बिंदुवार जांच किया. वहीं कैश बुक का जांच की मांग किया गया तो प्रधान लिपिक रामबाबू सिंह ने प्रभार नहीं होने को बताया. जिससे कैश बुक की जांच नहीं हो सकी.
टीएचआर का वितरण
सहायक निदेशक ने प्रधान लिपिक रामबाबू सिंह से कैश बुक की जानकारी लिया. जिसमें अप्रैल माह का टीएचआर वितरण के लिए उच्चधिकारी से कोई मार्गदर्शन नहीं मिली तथा बगैर अनुमति के चेक से राशि का निकासी कर टीएचआर का वितरण किया जाना , यह संदिग्ध मामला प्रतीत होता है.
क्योंकि टीएचआर निकासी व वितरण में विभागीय उच्चधिकारी का अनुमति प्राप्त नहीं था. जिसको लेकर प्रधान लिपिक रामबाबू सिंह से तत्कालीन सांख्यिकी सह नाजिर के द्वारा दिये प्रभार की छाया प्रति देने की मांग किया गया.
उन्होंने बताया कि अप्रैल माह टीएचआर वितरण का चेक निकासी का किसी रोकड़ पंजी सामान्य व सहायक रोकड़ पंजी या चेक बुक में इंट्री नहीं था. पूर्व तत्कालिक प्रभारी सीडीपीओ अरुण कुमार के समय अवधि में चेक से निकासी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. मौके पर सहायक अनिल कुमार, प्रभारी सीडीपीओ शबिना अहमद, कार्यालय कर्मी व पर्यवेक्षिका उपस्थित थे.
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