प. चंपारण जिले के डीपीओ का वेतन रोका

Published at :28 Jun 2015 7:44 AM (IST)
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प. चंपारण जिले के डीपीओ का वेतन रोका

पटना : शिक्षा विभाग ने 15 जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा-योजना) के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है. शिक्षा विभाग में शनिवार राज्य के सभी डीपीओ (लेखा-योजना) की बैठक के बाद संबंधित जिलों से मांगे गये आंकड़े नहीं आने के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्रीधर सी ने संबंधित […]

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पटना : शिक्षा विभाग ने 15 जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा-योजना) के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है.
शिक्षा विभाग में शनिवार राज्य के सभी डीपीओ (लेखा-योजना) की बैठक के बाद संबंधित जिलों से मांगे गये आंकड़े नहीं आने के बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्रीधर सी ने संबंधित जिलों के डीपीओ के वेतन पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया. जिलों से पोशाक, छात्रवृत्ति साइकिल व सेनेटरी नैपकिन का लाभ लेनेवाले छात्र-छात्राओं की संख्या नहीं देने के कारण रोहतास, गया, जहानाबाद, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, सहरसा, बांका, खगड़िया, जमुई, मुंगेर, समस्तीपुर, मधुबनी, भागलपुर, सीतामढ़ी व शेखपुरा के डीपीओ (लेखा-योजना) का वेतन रोका गया है.
प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्रीधर सी ने बैठक डीपीओ द्वारा आंकड़े नहीं दिये जाने के मामले को गंभीरता से लिया और सरकारी काम में उदासीनता के आरोप में उनके वेतन भुगतान पर अगले आदेश के लिए रोक लगा दी.
साथ ही सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि अगर उनके जिले के किसी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा ये सूचनाएं देने में शिथिलता बरती जा रही है, तो वे उनका वेतन रोक सकते हैं.
जिलों से आयी आंकड़ों के अनुसार दरभंगा, बांका, जहानाबाद, सहरसा व पश्चिमी चंपारण से माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों का आंकड़ा नहीं दिया गया है. इसके अलावा माध्यमिक स्कूलों के छात्र-छात्राओं का आंकड़ा रोहतास, गया, खगड़िया व जमुई ने भी नहीं दिया है. वहीं, प्राथमिक स्कूलों का आंकड़ा मुंगेर, समस्तीपुर, मधुबनी, भागलपुर, सीतामढ़ी व शेखपुरा ने भी नहीं दिया है.
जिलों में नामांकन में अप्रत्याशित वृद्धि और कमी
प्रारंभिक स्कूलों में बच्चों के नामांकन का डाटा भी कई जिलों ने शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराया है. इसमें कुछ जिलों के नामांकन में अप्रत्याशित वृद्धि और अप्रत्याशित कमी दिखायी गयी है.
इस पर विभाग को संदेह हुआ है. विभाग ने वैसे जिलों को 29 जून तक आंकड़ों को दुरुस्त करने का समय दिया है. इसके अलावा सुपौल, मुजफ्फरपुर, बक्सर व खगड़िया ने जो आंकड़ा दिया है, उसमें कुछ डिफॉल्ट है. उसे ठीक करने के लिए भी इन जिलों को सोमवार तक का समय दिया गया है. बैठक शिक्षा विभाग का उपनिदेशक सरिता लाल, प्रवक्ता अमित कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
बैठक में यह तय हो गया कि इस बार भी कैंप लगा कर बच्चों के बीच पोशाक, साइकिल, छात्रवृत्ति, सेनेटरी नैपकिन और प्रोत्साहन योजना की राशि बांटी जायेगी. पहले विभाग का फैसला था कि बच्चों का बैंक एकाउंट खोल कर उसमें राशि भेजी जायेगी.
शिक्षकों को बैंक एकाउंट खुलवाने के काम में भी लगाया गया था, लेकिन कई जिलों के डीपीओ ने बैठक में कहा कि सभी बच्चों या उनके अभिभावकों का बैंक का खाता नहीं खुल सका है, जिससे एकाउंट में राशि देने में परेशानी होगी. इसके बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने 11-18 जुलाई तक स्कूलों में कैंप लगा कर राशि बांटने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि राशि वितरण करने के निर्देश जल्द ही जिलों को भेज दिया जायेगा.
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