जिले में अपराधियों के टारगेट पर सीनियर सिटीजन सीरियल मर्डर!

Updated at : 29 May 2018 4:45 AM (IST)
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जिले में अपराधियों के टारगेट पर सीनियर सिटीजन सीरियल मर्डर!

जिले में सीनियर सिटीजन के कत्ल के सिलसिलेवार मामले आने के बाद चर्चा जोरों पर होने लगी है. दो दिनों में हत्या के तीन मामले सामने आये हैं. इन मामलों में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस इन सभी मामलों में आपसी विवाद की जड़ों को तलाशने में जुटी है. बेतिया : […]

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जिले में सीनियर सिटीजन के कत्ल के सिलसिलेवार मामले आने के बाद चर्चा जोरों पर होने लगी है. दो दिनों में हत्या के तीन मामले सामने आये हैं. इन मामलों में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. पुलिस इन सभी मामलों में आपसी विवाद की जड़ों को तलाशने में जुटी है.

बेतिया : जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र के रतनमाला में रिटायर्ड पीडब्लूडी कर्मी की हत्या के बाद अब बैरिया व चनपटिया में सीनियर सिटीजन की हत्या का मामला सामने आया है.
पीडब्ल्यूडी कर्मी रामअवतार हजरा (70) मर्डर की तरह ही बैरिया में भी बगीचे के रखवाल अमरदेव यादव(60) की गला रेतकर हत्या की गयी है. जबकि चनपटिया में फेरी व्यवसायी महेश साह (62) का शव मिला है. इनके गले पर भी गहरे जख्म के निशान हैं. लगातार तीन हत्या का मामला सामने आने के बाद जिले में सनसनी फैल गयी है.
अभी तक इसमें से एक भी मामले का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है. हत्या के इन सभी मामलों में पहली समानता यह है कि सभी सीनियर सिटीजन है. दूसरी समानता यह है कि सभी की हत्या में धारदार हथियार का इस्तेमाल हुआ है और गले पर प्रहार किया गया है. तीसरी समानता है कि सभी के परिजनों ने किसी से दुश्मनी या विवाद होने से इनकार किया है. लिहाजा इन मामलों का सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है. हालांकि इन मामलों को सीरियल कीलिंग कहना अभी अतिश्योक्ति होगी, लेकिन जिस तरह से सिलसिलेवार हत्या का मामला सामने आया है. वह पुलिस के लिए अर्लार्मिंग है. मझौलिया मामले में रिटायर्ड पीडब्लूडी कर्मी राम अवतार हत्या उस समय हुई थी, जब वह सरिसवा से वापस घर लौट रहे थे. इनकी हत्या गला रेतकर की गई थी.
इस मामले में घटना के दो दिन बाद भी हत्यारा पुलिस की पकड़ से दूर है. पुलिस इस मामले में अभी हवा में तीर चला रही है. उसके हाथ अभी तक कोई क्लू नहीं लग सका है. इधर, इस हत्या के दो दिन बाद ही रविवार की रात बैरिया के संतघाट में बगीचे के रखवाल अमरदेव की हत्या ने पुलिस की बेचैनी बढ़ा दी है. बिस्तर पर सोते समय जिस तरह अमरदेव की हत्या की गई है, उससे हत्यारे को इसकी पहले से ही जानकारी थी. वहीं चनपटिया में महेश की मौत का मामला अभी संदिग्ध है.
मझौलिया के रतनमाला के बाद बैरिया व चनपटिया में वृद्ध की
हत्या का सामने आया मामला
पुलिस के लिए खुलासा बनी चुनौती
मझौलिया में रिटायर्ड पीडब्ल्यूडी कर्मी की गला रेतकर हुई थी हत्या
दो दिन बाद भी हत्यारे पकड़ से दूर
तीनों मामलों में हत्या के लिए धारदार हथियार का इस्तेमाल
किसी न किसी काम से जुड़े थे सभी
इन तीनों मामलों को जोड़ें, तो एक और समानता मिलती है कि सभी किसी न किसी काम से जुड़े थे. मझौलिया मामले में रामअवतार रिटायरमेंट के बाद सत्संग भवन चलाते थे और उसकी देखरेख करते थे. बैरिया के संतघाट में हत्यारों का शिकार हुए अमरदेव यादव बगीचे में रखवाल का कार्य करते थे. वहीं चनपटिया में सड़क किनारे मृत हालत में मिले महेश साह फेरी का व्यवसाय करते थे. हालांकि चनपटिया मामले में पुलिस हत्या की घटना से इंकार कर रही है. लेकिन लगातार हत्या का मामला सामने आने से जिले में यह चर्चा का विषय बन गया है.
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बैरिया के संतघाट में अमरदेव यादव की हत्या के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. इस घटना से ग्रामीण भी हतप्रभ है. सभी का कहना है कि अमरदेव यादव काफी मिलनसार स्वभाव के थे. ऐसे में इनकी किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है. अमरदेव की हत्या के मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. इधर, पुलिस इस हत्या के मामले में आपसी विवाद की जड़े तलाश रही है. लेकिन प्रारंभिक जांच में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आ रहा है.
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