दवा दुकानों में भी देने होंगे पहचान पत्र

Updated at : 18 Nov 2016 5:51 AM (IST)
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दवा दुकानों में भी देने होंगे पहचान पत्र

मोतिहारी : 500 व 1000 का नोट लेकर आने वाले मरीजों को भी दवा दुकानों में पहचान पत्र देना होगा. इस बाबत केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी है.जारी निर्देश के अनूसार,जिले के सभी खुदरा दवा व्यवसायियों से चिकित्सकों के पूर्जे के साथ पहचान पत्र लेने […]

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मोतिहारी : 500 व 1000 का नोट लेकर आने वाले मरीजों को भी दवा दुकानों में पहचान पत्र देना होगा. इस बाबत केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी है.जारी निर्देश के अनूसार,जिले के सभी खुदरा दवा व्यवसायियों से चिकित्सकों के पूर्जे के साथ पहचान पत्र लेने का आदेश दिया है.इधर इस आदेश के बाद दवा दुकानदारों ने हर संभव मरीजों को सहयोग करने का भरोसा दिलाया है

नेपाली करेंसी से ब्लैकमनी को व्हाइट बनाने की साजिश : बनकटवा ़ भारत-नेपाल सीमाई क्षेत्र से सटे भारतीय बाजारों में नेपाली करेंसी से ब्लैकमनी को व्हाइट बनाने का खेल बदस्तूर जारी है. सूत्रों व जानकारों की मानें तो भारी मात्रा में नेपाली करेंसी की खेप भारतीय बाजारों में पहुंचाया जा रहा है. ब्लैकमनी को व्हाइट बनाने के खेल में घोड़ासहन, छौडादानो के अलावा कई छोटे-छोटे बाजारों में सिंडिकेट गिरोह सक्रिय है, जो नेपाली करेंसी को नेपाल से विभिन्न बाजारों तक पहुंचा रहे है.
भारतीय सरकार द्वारा किए गए नोटबंदी के बाद मनी एक्सचेंज व बट्टा पर पैसा अदला-बदली करने वाले धंधेबाजों द्वारा प्रतिदिन इन बाजारों में लाखों रुपये की कमाई करते हुए ब्लैकमनी को व्हाइट बनाने का गोरखधंधा जारी है.
ऐसे ही एक कारोबारी ने अपना नाम प्रकाशित नही करने की शर्त पर बताया कि एक लाख साठ हजार नेपाली करेंसी के बदले एक लाख भारतीय करेंसी दी जाती थी, परन्तु नोटबंदी के बाद अब एक लाख भारतीय करेंसी के बदले एक लाख पचीस हजार से चालीस हजार के बीच में ही दिया जा रहा है. साथ ही नेपाल में पहले से छुपा कर रखे गये भारतीय नोट को भी इन बाजारों के कारोबारियों द्वारा मोटी कमाई के बाद नेपाली करेंसी दिया जा रहा है. जानकारों की मानें तो त्योहारों के अवसर पर नेपाली करेंसी से सामानों की बिक्री में भी मनमाना बट्टा लिया गया था. पूर्व से भारी मात्रा में जमा किए गए नेपाली करेंसी से नोटबन्दी के बाद नेपाल से लाए गए
भरतीय करेंसी बदल कर सरकार के फैसले को चुनौती देने व अवैध तरीके से जमा किए गए ब्लैक मनी को व्हाइट बनाने की साजिश में संलिप्त है.अदला-बदली के बाद कारोबारियों द्वारा नेपाली करेंसी को रक्सौल के बडे कारोबारियों तक पहुंचाने का खेल जारी है, जबकि भारतीय करेंसी को अपने परिचितों को कुछ राशि का लालच देकर उनके खातों में जमा करवाया जा रहा है. इस बाबत पूछे जाने पर सिकरहना डीएसपी बमबम चौधरी ने बताया कि मामले की जानकारी के बाद दोषियों को चिन्हित कर कानून कारवाई की जायेगी.
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