दिवाली आज, स्थिर लग्न में करें पूजा
Updated at : 30 Oct 2016 6:10 AM (IST)
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दीपावली पर गेलार्ड मिठाई दुकान में खरीदारी करते लोग मोतिहारी : पौराणिक मान्यता है कि दीवाली के दिन लक्ष्मी एवं दरिद्रा दोनों बहने साथ-साथ निकलती है, जहां प्रकाश एवं प्रसन्न्ता होती है वहां लक्ष्मी तथा जहां अंधकार एवं कलह होता है वहां दरिद्रता निवास करने लगती है. इसलिए हमारे ऋषि मुनि एवं हमारे पूर्वजों ने […]
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दीपावली पर गेलार्ड मिठाई दुकान में खरीदारी करते लोग
मोतिहारी : पौराणिक मान्यता है कि दीवाली के दिन लक्ष्मी एवं दरिद्रा दोनों बहने साथ-साथ निकलती है, जहां प्रकाश एवं प्रसन्न्ता होती है वहां लक्ष्मी तथा जहां अंधकार एवं कलह होता है वहां दरिद्रता निवास करने लगती है. इसलिए हमारे ऋषि मुनि एवं हमारे पूर्वजों ने इस दिन सभी को अपने घरों की सफाई कर दीपक जला कर प्रकाश करने की आवश्यकता बतायी है.
वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील पाण्डेय ने स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन की सलाह दी है. श्री पाण्डेय के अनुसार इस वर्ष दीवाली में लक्ष्मी पूजन हेतु शुभ मुहूर्त्त 30 अक्टूबर रविवार को वृषिक लग्न प्रात: 7.29 से 9.46 तक कुंभ लग्न दिन के 1.36 से 3.08 तक , वृष लग्न सायं 6.15 से 8.11 तक तथा सिंह लग्न रात्रि 12.59 से 3.13 तक उत्तम है. इसके अलावा सायं काल गोदली बेला में लक्ष्मी पूजा का भी विशेष महत्व है.
चार दिवसीय छठ पर्व चार नवंबर से: सूर्य षष्ठी सह छठ पूजा का चतुर्थ दिवसीय पर्व कार्त्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी से सप्तमी तक मनाने का विधान है. प्राचार्य श्री पांडेय के अनुसार इस वर्ष छठ व्रत का आरंभ चार नवंबर शुक्रवार को नहाय खाय से होगा. पांच नवंबर शनिवार को खरना, छह नवंबर रविवार को सायंकालीन अर्घ्य तथा सात नवंबर सोमवार को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ व्रत का समापन होगा.
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