शव गृह को बना दिया जख्म प्रतिवेदन कार्यालय

Updated at : 09 Aug 2016 5:50 AM (IST)
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शव गृह को बना दिया जख्म प्रतिवेदन कार्यालय

मोतिहारी : लगभग 70 लाख की लागत से निर्मित मर्क भवन(शव संरक्षा गृह) का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. यहां आज तक एक भी शव नहीं रखा जा सका है. आधुनिक संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर उक्त गृह में जख्म प्रतिवेदन कार्यालय खोल दिया गया है. यहां बता दें कि मर्क […]

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मोतिहारी : लगभग 70 लाख की लागत से निर्मित मर्क भवन(शव संरक्षा गृह) का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है. यहां आज तक एक भी शव नहीं रखा जा सका है. आधुनिक संसाधनों की कमी का बहाना बनाकर उक्त गृह में जख्म प्रतिवेदन कार्यालय खोल दिया गया है. यहां बता दें कि मर्क भवन का निर्माण अज्ञात शवों को रखने के लिए किया गया है. लावारिस और देर से आये तथा पोस्टमार्टम के बाद शिनाख्त के लिए शवों को रखने के लिए अस्पताल कर्मियों व पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ता था. इसी उद्देश्य से 2014 में लगभग 70 लाख की लागत से सात कमरों का अत्याधुनिक मर्क भवन बनाने का निर्णय लिया गया, जो वर्ष 2014 में ही बन कर तैयार हुआ. लेकिन इस भवन में जख्म प्रतिवेदन एवं पोस्टमार्टम संबंधी विपत्रों का निपटारा किया जाता है.

सात कमरों का है शव संरक्षा गृह: आधुनिक शव संरक्षा गृह में सात कमरे हैं. इसमें दो कमरे अज्ञात शव रखने के लिए, एक चिकित्सक कक्ष, एक पुलिस पदाधिकारियों के बैठने का कक्ष, एक मृतक के परिजनों को बैठने के लिए, एक लैब कक्ष तथा सातवां कक्ष कार्यालय के लिए बनाया गया है.
संसाधनों की कमी: शव संरक्षा गृह को पूरी तरह से वातानुकूलित होना चाहिए जो नहीं है. शवों को रखने के लिए डीप-फ्रीजर होना चाहिए. वह भी नहीं है. इसके अतिरिक्त लाइटिंग की भी अधूरी व्यवस्था है.
तीन माह में आये 20 अज्ञात शव: विभिन्न थाना क्षेत्रों से सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए तीन माह में करीब 20 अज्ञात शव आये, जिसमें एक की भी पहचान नहीं हो सकी. बाद में उन्हें मिट्टी में दफन कर दिया गया. विभाग का कहना है कि शव दफन के लिए सदर अस्पताल के पास फंड नहीं होता है. ऐसे में दो दिन रखने के बाद मिट्टी में दफन इसलिए किया जाता है कि विलंब से पहुंचे परिजन शव की पहचान कर सके.
तीन माह में आये 20 अज्ञात शव, एक की भी नहीं हो सकी शिनाख्त
लावारिस छोड़ दिया जाता है अज्ञात व शिनाख्त को रखा जानेवाला शव
भवन निर्माण पर खर्च हुए हैं 70 लाख रुपये
भवन में नहीं लग सका डीप-फ्रीजर व एसी
पोस्टमार्टम कार्यालय के पास ही बना है शव संरक्षा गृह
क्या है मर्क
मर्क शवों को रखने वाला घर है, जहां महीनों शव को सुरक्षित रखा जा सकता है. इस भवन में रखने के बाद शवों में सड़न नहीं होता है. ताकि शवों के स्वामित्व वाले लोग आये तो सहज उनकी पहचान कर सके.
संसाधनों के लिए सरकार को लिखा जायेगा. अन्य कार्यालयों को यहां से हटाया जायेगा. साथ ही मर्क भवन में शव रखने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जायेगी.
डाॅ प्रशांत कुमार, सिविल सर्जन
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