पहले दिन ही खुली कोर्ट की सुरक्षा की पोल

Updated at : 30 Jun 2015 9:03 AM (IST)
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पहले दिन ही खुली कोर्ट की सुरक्षा की पोल

मोतिहारी : पुलिस जवान की आंख में मिरचा पाउडर झोंक फरार हुआ सेंट्रल जेल मोतिहारी के विचाराधीन बंदी नेयाज खां ने न्यायालय की चौक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है़ सोमवार से ही न्यायालय की सुरक्षा में अत्याधुनिक संसाधनों से लैस एक पुलिस पदाधिकारी के साथ चार जवानों को लगाया गया़ मेटल […]

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मोतिहारी : पुलिस जवान की आंख में मिरचा पाउडर झोंक फरार हुआ सेंट्रल जेल मोतिहारी के विचाराधीन बंदी नेयाज खां ने न्यायालय की चौक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है़ सोमवार से ही न्यायालय की सुरक्षा में अत्याधुनिक संसाधनों से लैस एक पुलिस पदाधिकारी के साथ चार जवानों को लगाया गया़
मेटल डिटेक्टर से पुलिस जवान न्यायालय परिसर के सभी मुख्य द्वार पर झोला, बैग व अन्य सामान लेकर आने वाले वालों की तलाशी में लगे थ़े इसी बीच सुरक्षाकर्मी की आंख में मिरचा पाउडर झोंक हत्याकांड का आरोपित नेयाज भाग निकला़ इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि जब मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मी पहरेदारी कर रहे थे तो आखिर नेयाज किस रास्ते भागा़ सवाल यह भी है कि मुख्य द्वार के बाहर न्यायिक अवधि में नाका नंबर चार के पदाधिकारी की ड्यूटी रहती है,
उस समय नाका के पुलिस पदाधिकारी कहां थ़े सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी चौकसी बरतने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति तो नहीं कर रह़े इस घटना में नेयाज को पेशी के लिए न्यायालय ले जाने वाले सिपाही की लापरवाही भी सामने आयी है़ कोर्ट हाजत से निकालने के बाद बंदी को कहीं रूकने नहीं देना है, जबकि बंदी नेयाज ने पान दुकान पर रूक मिरचा पाउडर रखा पॉलीथिन लिया़ आखिर सिपाही ने किस लालच में नेयाज को पान दुकान पर रूकने दिया़ वहीं नेयाज के हाथ में लगी हथकड़ी भी ढिली थी, इस कारण उसने हाथ से हथकड़ी सरका लिया़ हालांकि नेयाज का पुलिस अभिरक्षा से फरार होना कोई नयी बात नहीं है़ इससे पहले भी जेल से पेशी के लिए पहुंचे कई कुख्यात भाग चुके है़
ड्यूटी में ढीले-ढाले सिपाही
कोर्ट हाजत की ड्यूटी में ढीले -ढाले सिपाही को लगाया जाता है़ यही कारण है कि जेल से आने वाले अपराधी मौका पाकर हथकड़ी सरका फरार होते रहे है़ं इन्हें न तो हथकड़ी लगाने का सही ढंग है और न ही बाजू में हथकड़ी के रस्से को पकड़ने की ताकत़ ऐसे में बंदियों के फरार होने पर आश्चर्य नहीं होना चाहिए़
अवैध ढंग से लगी दुकान
समाहरणालय, निबंधन कार्यालय व कोर्ट परिसर में करीब छोटे-बड़े सौ दुकान हैं़ इसमें कई छोटी दुकानें अवैध ढंग से लगायी गयी है़ वहीं बहुतों अनुज्ञप्तिधारक दुकानदारों ने नवीकरण नहीं कराया है़ निबंधन कार्यायल में सिर्फ एक दुकान निबंधित है, जबकि सरकारी कार्यालय परिसर में जमीन को अतिक्रमण कर दर्जनों दुकानें अवैध ढंग से चलती है़
एक साल में तीन फरार
एक साल के अंदर न्यायालय परिसर से पुलिस अभिरक्षा से तीन बंदी फरार हो चुके हैं़ इसमें एक बंदी भागने के तीन-चार घंटे के अंदर पकड़ा गया, जबकि फरार दो बंदियों को पुन: गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता नहीं मिली़ 19 अगस्त 2014 को दरपा सिसवनिया गांव का लक्ष्मण मली व 25 मई 2015 को चिरैया खरतरी गांव का ओमप्रकाश गिरि पेशी के बाद हथकड़ी सरकार का फरार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया गया़
लक्ष्मण मली को कोई सुराग नहीं मिला़ वहीं इस संबंध में एएसपी प्रमोद कुमार मंडल ने बताया कि कोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट व निबंधन कार्यालय परिसर में अवैध ढंग से संचालित दुकानों को हटाया जायेगा. नगर इंस्पेक्टर को निर्देश दिया गया है कि जिला प्रशासन से समन्वय बना कर ठोस कार्रवाई करें.
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