बिहार के 10 लाख लोग हैं पीड़ित
Updated at : 06 Feb 2015 9:07 AM (IST)
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रक्सौल : मानव व्यापार एक जघन्य अपराध है. इसकी रोकथाम के लिए समाज के सभी वर्गो को एक साथ मिल कर काम करना होगा, तभी इसको रोका जा सकता है. इसके लिए सबसे आवश्यक है ग्रामीण क्षेत्रों में इसके रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाना. ये बातें अनुमंडल पदाधिकारी साइदा खातून ने गुरुवार को अनुमंडल परिसर […]
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रक्सौल : मानव व्यापार एक जघन्य अपराध है. इसकी रोकथाम के लिए समाज के सभी वर्गो को एक साथ मिल कर काम करना होगा, तभी इसको रोका जा सकता है. इसके लिए सबसे आवश्यक है ग्रामीण क्षेत्रों में इसके रोकथाम के लिए जागरूकता फैलाना.
ये बातें अनुमंडल पदाधिकारी साइदा खातून ने गुरुवार को अनुमंडल परिसर स्थित इंडोर स्टेडियम में अनुमंडल स्तरीय मानव व्यापार संबंधित कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कही. इसके पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी साइदा खातून, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितेंद्र पांडेय, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक डॉ विवेक सिंह, बाल संरक्षण के सहायक निदेशक राज कुमार सिंह, डंकन की डॉ वंदना कांत ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान अधिकारियों का सहयोग डंकन के समीर दिग्गल व मंजू सिंह ने किया.
एसडीओ ने कहा कि मानव व्यापार का शिकार ज्यादातर गरीब तबके के लोग या गरीबी रेखा के नीचे गुजर- बसर करने वाले होते हैं. जिन्हें जागरूकता के माध्यम से ही इसके दुष्प्रभाव से अवगत कराया जा सकता है.
वहीं डीएसपी श्री पांडेय ने कहा कि मानव व्यापार की रोकथाम के लिए सबसे आवश्यक है सीमाई क्षेत्र के गंवई रास्तों पर चौकसी करना. क्योंकि प्रशासन के कड़े रुख के बाद इस धंधे में संलिप्त लोग ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही उन्होंने अवगत कराया कि अनुमंडल पुलिस प्रशासन मानव व्यापार की रोकथाम के लिए काम कर रही संस्थाओं के साथ कदम से कदम मिला कर काम करेगी. साथ ही हरसंभव सहयोग अभियान की सफलता को देगी. बैठक में उपस्थित डंकन अस्पताल की डॉ वंदना कांत ने कहा कि विश्व में प्रतिवर्ष एक करोड़ 30 लाख लोग मानव व्यापार के किसी न किसी रूप में शिकार हो रहे हैं. इसमें बिहार का आंकड़ा 10 लाख के करीब है. बिना जागरूकता के इस पर रोक लगा पाना संभव नहीं है. उन्होंने बताया कि इस पर पूर्व से एनजीओ काम कर रही है, लेकिन सरकार व स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सहयोग से इस पर रोकथाम लगायी जा सकती है.
वहीं प्रयास के मनोज सिन्हा ने मानव व्यापार के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मानव व्यापार के तहत युवतियों को देह व्यापार, युवकों को निम्न स्तर का काम या उनके शरीर के अंगों को बेचने का सिंडिकेट देश में फैला हुआ है. लोगों को इससे बचने के लिए उनके बीच जागरूकता फैलाना आवश्यक है.
कार्यक्रम के दौरान मानव व्यापार पर आधारित चलचित्र भी दिखाया गया. अनुमंडल प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के संयोजक डंकन अस्पताल व स्थानीय प्रयास संस्था रहे. कार्यक्रम में रक्सौल सीडीपीओ मीनाक्षी कुमारी, आदापुर की कुमारी राशि, रामगढ़वा की बबिता कुमारी, मुखिया राज कुमार सिंह, विरेंद्र झा, विश्वजीत राय उर्फ दारा, मदन प्रसाद गुप्ता, मुखिया पति शंभु दास, आदापुर सीओ, बीडीओ शशि भूषण साहू, महिला पर्यवेक्षिका सीमा कुमारी, प्रियंका कुमारी, रेणु देवी, डंकन की लिडिया, शालिनी, सद्रक कृष्टि, मनोज डोगरा, प्रयास से आरती कुमारी, रूपा कुमारी, राज गुप्ता, अजय कुमार, आइडिया से दिग्विजय सिंह, अभिषेक कुमार, निर्देश से मधु सिंह, प्रथम से सुधीर कुमार, जनजागरण से राज कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष आदि मौजूद थे.
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