नहीं बन रही बात, शादी से पहले ही दरक रहे रिश्ते

Updated at : 13 Jul 2017 4:26 AM (IST)
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नहीं बन रही बात, शादी से पहले ही दरक रहे रिश्ते

मोतिहारी : सामाजिक सहमति या युवक-युवतियां (18 से 21 वर्ष) के बीच रजामंदी से होनेवाली शादियां भी कानूनी प्रक्रिया के पहले टूटने लगी है. अंतर्रजातीय व प्रेम-प्रसंग की शादियों में भी निबंधन आवश्यक है. जहां आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिवर्ष इस प्रकार की 20-25 शादियां निबंधन के पहले ही टूट गयी. क्योंकि, ऐसे लोग […]

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मोतिहारी : सामाजिक सहमति या युवक-युवतियां (18 से 21 वर्ष) के बीच रजामंदी से होनेवाली शादियां भी कानूनी प्रक्रिया के पहले टूटने लगी है. अंतर्रजातीय व प्रेम-प्रसंग की शादियों में भी निबंधन आवश्यक है.

जहां आंकड़ों पर गौर करें तो प्रतिवर्ष इस प्रकार की 20-25 शादियां निबंधन के पहले ही टूट गयी. क्योंकि, ऐसे लोग शादी (कोट मैरेज) के लिए आवेदन दिये लेकिन निर्धारित समय तक नहीं पहुंच सके. विभाग के अनुसार मोतिहारी अवर निबंधन कार्यालय में वर्ष 2016 में 59 आवेदन पड़े, लेकिन 40 लोग ही पहुंच सके. इसी तरह 2017 में जून तक 39 आवेदन पड़े कोर्ट मैरेज के, लेकिन 20 जोड़ी ही पहुंच कर कानूनी ढ़ंग से शादी के बंधन में बंध सके है. निर्धारित अवधि आवेदन तिथि से 90 दिनों तक मान्य होता है. उसके बाद आवेदन रद्द माना जाता है.

शादीशुदा लोग भी करा रहे निबंधन : शादी निबंधन की महत्ता को देखते हुए सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करनेवाले लोग भी अपना निबंधन अवर निबंधन कार्यालय से करा रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 में 70 और 2017 में अब तक 30 लोगों ने निबंधन कराया है. निबंधन के लिए 81 आवेदन अब भी लंबित है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शादी निबंधन के लिए साथ में तीन गवाह लाना अनिवार्य है.
अब वार्ड पार्षद व मुखिया को भी मिला अधिकार
शहरी क्षेत्र में वार्ड पार्षद और ग्रामीण क्षेत्र में मुखिया को शादी का प्रमाणपत्र देने (निबंधन) का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है. फाइलों में विवाह पदाधिकारी बनाया गया है. शादी निबंधन के लिए शादी के 30 दिनों के अंदर आवेदन पार्षद या मुखिया को देना है. 30 दिन के बाद निर्धारित विलंब शुल्क देकर मुखिया निबंधन कर सकते हैं.
अब वार्ड पार्षद व मुखिया को भी मिला अधिकार
शहरी क्षेत्र में वार्ड पार्षद और ग्रामीण क्षेत्र में मुखिया को शादी का प्रमाणपत्र देने (निबंधन) का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है. फाइलों में विवाह पदाधिकारी बनाया गया है. शादी निबंधन के लिए शादी के 30 दिनों के अंदर आवेदन पार्षद या मुखिया को देना है. 30 दिन के बाद निर्धारित विलंब शुल्क देकर मुखिया निबंधन कर सकते हैं.
निबंधन से ये हैं फायदे
अगर आपका शादी निबंधन नहीं है, तो विदेश जाने के लिए पासपोर्ट नहीं बन सकता है. सेना के जवानों को क्वार्टर व पारिवारिक लाभ नहीं मिलेगा. वेतन वृद्धि प्रभावित होगा. इसके अलावे बैंक कार्य में लाभ के साथ अगर प्रमाणपत्र है, तो दूसरी महिला अपना पति होने का दावा नहीं कर सकती है.
प्रत्येक शादीशुदा व्यक्ति को शादी के बाद निबंधन कराना चाहिए, जिसकी आवश्यकता कभी भी हो सकती है. इसके लिए लोग जागरूक हो रहे हैं, जो अच्छी बात है, जो भी आवेदन कार्यालय में निबंधन के लिए आतें है, उसे नियमानुसार शीघ्र निष्पादित किया जाता है.
सुशील सुमन, विवाह उपनिबंधक सह जिला अवर निबंधक पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण
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