नाम बदलकर बिजली कनेक्शन लेने पर होगी कार्रवाई

Updated at : 22 Nov 2017 5:04 AM (IST)
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नाम बदलकर बिजली कनेक्शन लेने पर होगी कार्रवाई

बकाया ज्यादा होने के बाद लोग ले रहे हैं दूसरे नाम से कनेक्शन बक्सर : नाम बदल कर बिजली कनेक्शन लेनेवाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है. बता दें कि बकाया के कारण कनेक्शन कटने के बाद लोग अपने परिजन के नाम से कनेक्शन ले रहे हैं, […]

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बकाया ज्यादा होने के बाद लोग ले रहे हैं दूसरे नाम से कनेक्शन

बक्सर : नाम बदल कर बिजली कनेक्शन लेनेवाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है. बता दें कि बकाया के कारण कनेक्शन कटने के बाद लोग अपने परिजन के नाम से कनेक्शन ले रहे हैं, जिसकी शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है. कंपनी द्वारा जारी नये कनेक्शन के अभियान में इंजीनियरों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. सात निश्चय योजना के तहत हर घर में बिजली का कनेक्शन पहुंचाना है. इसलिए योजना में वैसे लोगों को नया कनेक्शन नहीं मिले जो बकाया रखकर नाम बदल नया कनेक्शन लेना चाहते हैं. कनेक्शन के लिए गांवों में शिविर लगाया जाये तो इसकी पूरी जानकारी इंजीनियरों को लेनी है.
पता चलने के बाद बकायी राशि के साथ सूद का भी करना होगा भुगतान : अगर कनेक्शन लेने के बाद यह पता चलता है कि बिजली विभाग का उस परिवार पर पहले से बकाया है तो वैसी स्थिति में विद्युत कंपनी उस राशि को सूद सहित वसूल करेगा. हर माह 14 करोड़ रुपये का बिजली जिले में खरीदा जाता है लेकिन वसूली महज छह करोड़ रुपये की ही हो पाती है. ऐसे में हर माह आठ करोड़ रुपये का नुकसान बिजली कंपनी को उठाना पड़ता है. जिले में कई बड़े बकायेदार हैं, जिन्होंने कंपनी का लाखों रुपये बकाया रखा है.
विपत्र में भी गड़बड़ी के कारण समय से नहीं जमा हो रहा बिल : समय से बिल नहीं जमा होने का मुख्य कारण यह है कि उपभोक्ताओं के विद्युत विपत्र में भारी गड़बड़ी है. उपभोक्ताओं के शिकायत के बाद भी उसमें सुधार नहीं हो रहा है. कंपनी हर माह कैंप भी लगाती है. बावजूद उपभोक्ता परेशान हैं. कंपनी का इस पर ध्यान नहीं है. ग्रामीण इलाकों में सबसे बुरा हाल है. महज 10 प्रतिशत ही उपभोक्ता समय से अपना विपत्र जमा करते हैं. खर्च के अनुपात में वसूली काफी कम है, जिससे कंपनी हर माह आठ करोड़ का घाटा उठा रही है.
बिल बना वसूली में बाधक : बिजली कंपनी अभी भी 30 फीसदी उपभोक्ताओं को विपत्र नहीं दे पा रही है. इससे समय से बिजली बिल जमा नहीं हो पा रहा है. वर्तमान में बिल जमा करने वाला सॉफ्टवेयर और लिंक भी बड़ी बाधा बन गया है. वसूली के लिए सिस्टम को और ठीक करना पड़ेगा, जिससे काफी हद तक घाटा काम होगा.
आंकड़े एक नजर में
जिले में 1 लाख 70 हजार हैं बिजली के उपभोक्ता
बक्सर शहर में 22 हजार
डुमरांव में 8 हजार
नियमित रूप से बिजली बिल जमा करने वालों की संख्या 11 हजार
हर माह 14 करोड़ की खरीदी जाती है बिजली
हर माह कंपनी को मिलता है महज 6 करोड़ रुपये
बकायेदारों को चिह्नित किया जा रहा
इस तरह की बातें सामने आ रही हैं. ऐसे लोगों को चिह्नित भी किया जा रहा है. जिनके पास बकाया के बाद अगर परिजन के नाम से नये कनेक्शन का आवेदन किया गया है तो उन पर कार्रवाई की जायेगी. पहले से उन पर कंपनी का बकाया है तो सूद सहित पैसे की वसूली की जायेगी. इसके लिए सॉफ्टवेयर भी बना है साथ ही इंजीनियरों को सभी तरह की एहतियात बरतने का निर्देश दिया गया है.
संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता, बक्सर
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