BRAB University: बिहार विवि में अगले सत्र से सेमेस्टर सिस्टम से होगी स्नातक की पढ़ाई, विभाग ने दिया आदेश

Updated at : 07 Aug 2022 5:30 AM (IST)
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BRAB University: बिहार विवि में अगले सत्र से सेमेस्टर सिस्टम से होगी स्नातक की पढ़ाई, विभाग ने दिया आदेश

बीआएबीयू में अब अगले सत्र से सेमेस्टर सिस्टम में पढ़ाई होगी. विभाग ने सत्र 2023-24 से सीबीसीएस लागू करने का आदेश दिया है. राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को इसकी तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया गया है.

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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में अगले सत्र से स्नातक स्तर की पढ़ाई में सेमेस्टर सिस्टम लागू होगा. तीन साल के कोर्स में छह सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी. शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक सत्र 2023-24 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर पर सेेमेस्टर की व्यवस्था करने के साथ ही सीबीसीएस (च्वायस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) लागू करने को कहा है. पटना विश्वविद्यालय में सत्र 2022-23 से ही सीबीसीएस लागू किया जा रहा है. विभाग की ओर से कहा गया है कि अन्य विश्वविद्यालय अभी से इसके लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दें. पिछले महीने पटना में आयोजित कुलपतियों व कुलसचिवों की बैठक में सीबीसीएस को लेकर आम सहमति भी बन चुकी है. विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार के सहयोग व कार्यशाला के लिए बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद का सहयोग लिया जा सकता है.

हर साल देनी होंगी दो परीक्षाएं

स्नातक में सेमेस्टर सिस्टम लागू होने के बाद तीन साल के कोर्स में छह सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी यानी छात्र-छात्राओं को हर साल दो परीक्षाएं देनी होंगी. उसी के अनुसार सिलेबस को भी छह हिस्सों में बांटा जायेगा. छह महीने में सिलेबस पूरा करने के साथ ही इंटरनल एसेसमेंट और परीक्षा करानी है. इसमें फील्ड वर्क, सेमिनार, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, असाइनमेंट, रिपोर्ट लेखन आदि शामिल है.

छह सेमेस्टर में होंगे 140 क्रेडिट

सीबीसीएस में विद्यार्थियों को अंक के बदले क्रेडिट दिये जायेंगे. छह सेमेस्टर में कुल 140 क्रेडिट होंगे. कोर्स पूरा करने के लिए कम-से-कम 120 क्रेडिट लाने होंगे. इसमें कोर कोर्स के साथ ही इलेक्टिव कोर्स, डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव कोर्स, प्रोजेक्ट, जेनरिक इलेक्टिव कोर्स और एबिलिटी एनहांसमेंट कोर्स की पढ़ाई करनी होगी.

एक सेमेस्टर में 90 दिन या 450 घंटे की पढ़ाई

एक सेमेस्टर में कम से कम 90 दिन या 450 घंटे की पढ़ाई होगी. इसका सेशन जुलाई से दिसंबर और जनवरी से जून का होगा यानी छह महीने में कम-से-कम 90 दिन की पढ़ाई होगी. इसके अलावा बाकी बचे समय में एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटिज के साथ ही परीक्षा और रिजल्ट के लिए भी समय होगा.

एक समान होगा पाठ्यक्रम, विकल्प चुनने की आजादी

सीबीसीएस लागू होने के बाद राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम एक समान हो जायेगा. सभी विश्वविद्यालयों के सहयोग से राज्य स्तर पर सिलेबस तैयार किया जायेगा. वहीं, विद्यार्थियों को भी बेहतर संस्थान चुनने की आजादी होगी यानी कोर्स के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग संस्थान का चुनाव कर सकेंगे. उनका क्रेडिट आसानी से एक-से-दूसरे संस्थान में ट्रांसफर हो जायेगा.

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