24.1 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

महिला डॉक्टरों को परिवार नियोजन की सबडर्मल इम्प्लांट विधि की दी जानकारी

महिला डॉक्टरों को परिवार नियोजन की सबडर्मल इम्प्लांट विधि की दी जानकारी

– परिवार नियोजन कार्यक्रम विषय पर कार्यशाला में जेएलएनएमसीएच व सदर अस्पताल की चिकित्सक हुईं शामिल

वरीय संवाददाता, भागलपुर

परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत सबडर्मल इम्प्लांट गर्भ निरोधक विधि विषय पर बुधवार को उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में सदर अस्पताल व जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के स्त्रीरोग व प्रसव विभाग के 30 चिकित्सकों ने भागीदारी की. जिला स्वास्थ्य समिति भागलपुर एवं पीएसआई इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ. सबडर्मल इम्प्लांट विधि की नेशनल मास्टर ट्रेनर व पीएमसीएच की डॉ रानू सिंह ने चिकित्सकों को नयी गर्भ निरोधक विधि की विस्तार से जानकारी दी. कार्यक्रम का उद्घाटन एसीएमओ डॉ मनोज कुमार चौधरी, डॉ रानू सिंह, जेएलएनएमसीएच की गायनी विभाग की एचओडी डॉ अनुपमा सिन्हा, डीपीएम मणिभूषण झा, जिला गुणवत्ता सलाहकार डॉ प्रशांत, पीएसआइ के स्टेट हेड मनीष सक्सेना, पीएसआइ के भागलपुर हेड नवीन राय ने दीप जलाकर किया. वक्ताओं ने कहा कि सबडर्मल इम्पलांट प्रत्यारोपण की सुविधा बिहार के दो जिले पटना एवं भागलपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है. अबतक सदर अस्पताल में 222 व जेएलएनएमसीएच में 178 महिलाओं को माचिस की तीली के साइज के डिवाइस को बांह में इंप्लांट किया गया है. इस डिवाइस से निकलने वाले हार्मोन से महिलाओं के गर्भाशय में ऑव्यूलेशन तीन साल तक बंद रहता है. इस दौरान महिलाएं गर्भधारण नहीं कर पाती हैं. कार्यक्रम के दौरान स्क्रीन पर प्रजेंटेशन देकर सबडर्मल इम्प्लांट डिवाइस को प्रत्यारोपित करना सिखाया गया.

सितंबर 2023 से शुरू हुई सबडर्मल इम्प्लांट विधि: कार्यशाला में एसीएमओ डॉ मनोज चौधरी ने कहा कि सबडर्मल इम्प्लांट की शुरुआत भागलपुर में सितंबर 2023 में हुई थी. नेशनल मास्टर ट्रेनर डॉ रानू सिंह ने कहा कि इस विधि को अपनाने के लिए लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है. नाइजीरिया व नेपाल समेत दुनियां के अन्य देशों में यह विधि अपनायी जा रही है. भारत के राष्ट्रीय जनरल की रिपोर्ट के अनुसार गर्भावस्था के बाद लोगों को परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक उपाय की जरूरत होती है. भारत में 2016 में अंतरा कार्यक्रम के तहत इंजेक्टेबल एवं गैर हार्मोनल गोली छाया की शुरुआत की गयी थी. 2023 में सबडर्मल इम्प्लांट को राष्ट्रीय कार्यक्रम से जोड़ा गया. पीएसआइ के मनीष सक्सेना ने 1952 से 2023 तक के परिवार नियोजन विधि के सफर की चर्चा की. उन्होंने बताया कि जेएलएनएमसीएच व सदर अस्पताल में पदस्थापित 19 चिकित्सकों को इम्प्लांट विधि सिखायी जा रही है. मौके पर जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीएम भरत कुमार सिंह, जिला योजना समन्वयक सन्नी कुमार व आयज अशर्फी समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें

ऐप पर पढें