मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस की अहम भूमिका

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस की अहम भूमिका

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– सदर अस्पताल में आशा व एनएनएम को कार्यशाला में दिया गया प्रशिक्षण

वरीय संवाददाता, भागलपुर

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जन सामुदायिक स्तर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर करने में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) की अहम भूमिका है. वीएचएसएनडी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल में सोमवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में आशा एवं एएनएम को गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण व पंजीकृत महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच समेत प्रतिरक्षण का प्रशिक्षण दिया गया. वहीं बच्चों का नियमित टीकाकरण, बच्चों का वजन कर कुपोषण की पहचान करने व स्वास्थ्य परामर्श पर भी बल दिया गया.यह आयोजन क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ट्रेनिंग सेंटर (आरएचएफडब्ल्यूटीसी) भागलपुर व पिरामल फाउंडेशन के स्कूल ऑफ हेल्थ की आर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट इकाई के सहयोग से हुआ. एक कार्यशाला का आरएचएफडब्ल्यूटीसी भागलपुर के वार्षिक ट्रेनिंग कैलेंडर के तहत पहली ट्रेनिंग है.

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि व सिविल सर्जन डॉ अंजना कुमारी ने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता और पोषण दिवस की संकल्पना 2007 से पूरे देश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत की गयी है. इसमें प्रसव पूर्व देखभाल, मातृ, नवजात, बच्चे और किशोर स्वास्थ्य, संचारी रोग और गैर संचारी रोग के लिए बुनियादी स्वास्थ्य और परामर्श सेवाएं शामिल हैं. वहीं पोषण संबंधी निगरानी, स्तनपान और पूरक आहार, मातृ पोषण, सूक्ष्म पोषक तत्व हैं. इसके अलावा प्रारंभिक बचपन का विकास के तहत इसमें बच्चों के लिए उम्र के अनुरूप खेल और संचार शामिल है. इस कार्यक्रम में स्वच्छता के तहत हाथ धोने, सुरक्षित पेयजल और शौचालयों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है.

आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित होगा पोषण दिवस : आरएचएफडब्ल्यूटीसी भागलपुर के हेल्थ एजुकेटर राजीव ने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र का चयन मासिक आधार पर बारी-बारी से करना है. पिरामल फाउंडेशन के कुमार चेतन ने सशक्त स्वास्थ्य संस्थाओं एवं उनके कार्य प्रणालियों पर प्रकाश डाला. शरद कुमार ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण की सफलता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है. कार्यशाला के दूसरे सत्र में वीएचएसएनडी के सफल संचालन के लिए सभी प्रतिभागियों का समूह बनाया गया. यह समूह पंचायत व गांव में कुपोषण को दूर करने के लिए तीन महीने की योजना पर काम करेंगे. मौके पर पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि कुमार चेतन, शर्मिष्ठा, अगस्थी, अनन्या, शरद सेठ समेत अन्य कर्मी थे.

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