इलाज के दौरान कंचन की हो गयी मौत

Updated at : 07 Sep 2018 4:02 AM (IST)
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इलाज के दौरान कंचन की हो गयी मौत

पति की चिता जला कर लौट रहे लोगों को मिली पत्नी की मौत की खबर भागलपुर : एसडीओ कार्यालय के सामने सूखे पेड़ के गिरने से घायल हुई कंचन साहा ने मायागंज अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए तीसरे दिन गुरुवार को देर शाम आखिर दम तोड़ दिया. इधर उसी पेड़ की चपेट […]

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पति की चिता जला कर लौट रहे लोगों को मिली पत्नी की मौत की खबर

भागलपुर : एसडीओ कार्यालय के सामने सूखे पेड़ के गिरने से घायल हुई कंचन साहा ने मायागंज अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए तीसरे दिन गुरुवार को देर शाम आखिर दम तोड़ दिया. इधर उसी पेड़ की चपेट में आकर मौत के मुंह में जाने वाले पति संजीव साहा का अंतिम दाह-संस्कार कर लौटे ही थे कि उनकी पत्नी के मौत की सूचना परिजनों को मिली और हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया.
पूछ रहे लोग, हत्यारा कौन-पेड़ या नहीं काटने वाला.
अस्पताल में जैसे ही मौत की सूचना मिली, तो परिजनों का आना शुरू हो गया. सभी न ही रो पा रहे थे और न ही कुछ बोलने की स्थिति में थे. खासकर महिला परिजन खुद को दिलासा दे रही थीं. पूरे नजारा को देखने वाले लोग यही पूछ रहे थे कि हत्यारा कौन है आखिर-पेड़ या नहीं काटने वाला वन विभाग व प्रशासनिक पदाधिकारी.
मां के लौटने की आस देख रही बेटियां बिलख पड़ीं. पहले ही पिता को खो चुकी दो बेटियां अब मां के लौटने की आस देख रही थी. मां के अस्पताल से नहीं लौटने पर बेटियां बिलख रही थी. इससे अन्य परिजन भी उन्हें चुप कराते-कराते रोने लगे और पूरा माहौल गमगीन हो गया.
परिजनों का आरोप, चिकित्सकों की लापरवाही से चली गयी जान. परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया. अस्पताल में पहुंचे परिजन देवर प्रशांत, कौशिक, गोतनी श्वेता सिंह, दूसरी गोतनी सोनू साहा व भाई राम ने आइसीयू में चिकित्सकों पर ठीक से इलाज नहीं करने और जूनियर डॉक्टर के भरोसे इलाज करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संजीव साहा को लाइफ सपोर्ट मशीन पर रखा गया था, जबकि उनकी पत्नी कंचन साहा को लाइफ सपोर्ट मशीन पर नहीं रखा गया. उनके लिए चार यूनिट खून भी उपलब्ध कराया. हमलोगों की पैरवी थी, तो थोड़ी सुविधा भी मिल रही थी. इसके विपरीत आइसीयू में ही भर्ती मरीजों की स्थिति और खराब है. उन्हें चिकित्सक ताे ठीक से देखते तक नहीं. साथ ही कहा कि कमर व छाती की हड्डी टूटने से कैसे कोई मर सकता है. वह खतरे से बाहर चल रही थी. रेफर करने के बाद सिलीगुड़ी जाने की व्यवस्था कर चुके थे, लेकिन इससे पहले ही चल बसी. दिनभर ठीक से बातचीत की थी, शाम सात बजे अचानक बोली पीठ में दर्द हो रहा है. पीछे मुड़ी और अकड़न के साथ दम तोड़ दी.
जिला स्कूल व जेल रोड में कटे सूखे पेड़
सूखे पेड़ से समाहरणालय में हादसा के बाद डीएम के कड़े निर्देश का असर हुआ और वन विभाग की नींद खुली. गुरुवार को वन विभाग द्वारा जिला स्कूल के मेन गेट के आगे के बड़े सूखे पेड़ को कटवाया गया. वहीं विभाग द्वारा जेल रोड में तीन बड़े सूखे पेड़ को काटा गया. ये सभी पेड़ कदम के सूखे पेड़ थे. डीएफआे एस सुधाकर ने कहा कि शहर में सभी सूखे पेड़ों की कटाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि शहर के हरे पेड़ जिसकी टहनियां गिरने लायक और उसकी भी छंटाई की जायेगी. निगम द्वारा पेड़ों की छंटाई को लेकर अनुमति के पत्र दिये जाने और अभी तक विभाग से अनुमति नहीं दिये जाने को लेकर डीएफओ ने कहा कि निगम शहरी क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई कर सकता है. वह उनका क्षेत्र है. वन एरिया में पेड़ों की कटाई और छंटाई के लिए निगम को विभाग से अनुमति लेना होगा.
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