Begusarai News: बेगूसराय के कारगिल विजय सभा भवन (समाहरणालय) में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में व्यवसाय सुगमता के अंतर्गत 'जिला व्यवसाय सुधार कार्ययोजना (DBRAP)-2025' के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्ञानेश्वरी किरण ने भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग द्वारा जारी इस कार्ययोजना के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया.
30 दिनों में सेवाएं न मिलने पर लागू होगा स्वतः स्वीकृति का नियम
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि इस कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों और निवेशकों को सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के नियमानुसार यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक सेवाओं और लाइसेंस का निष्पादन नहीं होता है, तो 30 दिनों के बाद 'स्वतः स्वीकृति' (Deemed Approval) का प्रावधान लागू हो जाएगा.
बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अहम, विभागों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश
डीएम ने कहा कि जिले में नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए बैंक उद्यमियों को बेवजह परेशान न करें. बैठक में सभी संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर अपनी विभागीय कार्ययोजना तैयार कर जिला उद्योग केंद्र को सौंपने और एक नोडल अधिकारी (समन्वयक) नामित करने का कड़ा निर्देश दिया गया. डीएम ने विश्वास जताया कि यह पहल जिले में व्यापार सुगमता और बेहतर औद्योगिक माहौल बनाने में मील का पत्थर साबित होगी.
