बकरा नदी का कटान हो गया तेज दहशत में ग्रामीण तोड़ रहे हैं घर

Updated at : 19 Sep 2020 1:29 AM (IST)
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बकरा नदी का कटान हो गया तेज दहशत में ग्रामीण तोड़ रहे हैं घर

गत 04 दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से पहले तो प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली अमूमन सभी नदियां उफनाई.

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कुर्साकांटा : गत 04 दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से पहले तो प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली अमूमन सभी नदियां उफनाई. लेकिन नदी का जलस्तर गिड़ते ही बकरा नदी का कटान तेज होने से प्रखंड क्षेत्र से सटे कोआकोह पंचायत का पररिया वार्ड संख्या 01 में नदी किनारे बसे चार परिवार का आशियाना जब बकरा नदी में विलीन होने लगी तो पीड़ित परिवार द्वारा शुक्रवार को अपने नाते रिश्तेदार को बुलाकर आनन फानन में खून पसीने से तिनका तिनका जोड़कर बनाया आशियाना को बकरा नदी की वक्र दृष्टि से बचने के लिये उन्हीं हाथों से तोड़कर नदी से दूर एन केन प्रकारेण घर बनाया जा रहा है.

जानकारी देते उप प्रमुख सिकटी दिनेश्वर मंडल ने बताया कि जब पररिया में बकरा नदी की विनाशलीला को रोकने को लेकर लगभग 22 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण किया गया तो उम्मीद जगी की अब बकरा के कटान व प्रत्येक वर्ष होने वाली फसलों की क्षति समेत अन्य क्षति से बचा जा सकता है. लेकिन कहते हैं न कि प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती. बकरा नदी में पुल का निर्माण तो पूर्ण हुआ लेकिन उक्त क्षेत्रों के परेशान ग्रामीणों की चिरलम्बित मांगों में शुमार बोल्डर पिचिंग कार्य नहीं होने से करोड़ों की लागत से निर्माण हुआ पुल का वर्तमान समय में कोई औचित्य नहीं रह गया.

उन्होंने बताया कि बकरा नदी के तीव्र कटान से परेशान बालेश्वर मंडल पिता स्व किरबू मंडल, गौतम कुमार मंडल पिता बालेश्वर मंडल, चंदन मंडल पिता बालेश्वर मंडल, नितिन मंडल पिता बालेश्वर मंडल का घर जब नदी में विलीन होने लगा तो किसी तरह तोड़कर दूसरे जगह ले जाया गया. वहीं पैक्स अध्यक्ष विकास यादव ने बताया कि बकरा नदी के कटान को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अविलंब कोई ठोस उपाय नहीं किया गया तो पररिया वार्ड संख्या 01 के दर्जनों परिवार के सामने विकराल समस्या उत्पन्न हो जायेगी. उन्होंने बताया कि बकरा नदी के किनारे वार्ड संख्या 01 में स्थित प्राथमिक विद्यालय पररिया का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है.

उन्होंने बताया कि बकरा नदी से उत्पन्न समस्या को लेकर यदि मुकम्मल उपाय नहीं किया गया तो नदी किनारे बसे ग्रामीणों के सामने न केवल रहने की समस्या वरण दो वक्त के भोजन की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने बताया कि बकरा नदी का तीव्र कटान ऐसी ही कुछ बयां करती प्रतीत होती है. मौके पर पीडीएस दुकानदार संजय मंडल, ताराचंद यादव, कृपानंद मंडल, विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, विद्यानंद मंडल समेत ग्रामीण मौजूद रहे.

posted by ashish jha

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