देव-कचनपुर पथ में 2007 में प्लांट किया था लैंडमाइंस

Published at :24 Jun 2016 7:58 AM (IST)
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देव-कचनपुर पथ में 2007 में प्लांट किया था लैंडमाइंस

19 जून को हुए विस्फोट में गयी थी एक कोबरा जवान की जान औरंगाबाद (नगर) : देव-कचनपुर में 19 जून को जो बम विस्फोट हुआ था उस बम को नक्सलियों ने 2007 में ही सड़क निर्माण के दौरान लगाया था. ये बातें चार नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आयी हैं. गुरुवार को एसपी बाबू […]

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19 जून को हुए विस्फोट में गयी थी एक कोबरा जवान की जान
औरंगाबाद (नगर) : देव-कचनपुर में 19 जून को जो बम विस्फोट हुआ था उस बम को नक्सलियों ने 2007 में ही सड़क निर्माण के दौरान लगाया था. ये बातें चार नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आयी हैं.
गुरुवार को एसपी बाबू राम ने बताया कि अनुसंधान के दौरान यह बात सामने आयी है कि नक्सली अभय, नवल, हिरामन, अभीजीत व अडवानी बंधु बिगहा निवासी कृष्णा यादव सहित अन्य लोगों ने मिल कर वर्ष 2007 में सड़क निर्माण के दौरान लैंड माइंस लगाया था. जनवरी, 2016 में पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान बांध गोरया जंगल में जब चार नक्सली मारे गये, तो उसका बदला लेने के लिए नक्सलियों ने पुलिस को टारगेट पर लिया था. लेकिन, सड़क में बम लगाने में नक्सलियों को काफी कठिनाई हो रही थी.
इसलिए देव-कचनपुर पथ में बंधु बिगहा गांव के पास 2007 में लगाये गये बम का इस्तेमाल करने का योजना बनायी. मुठभेड़ के 15-20 दिन बाद 400 मीटर लंबा तार खेत में बिछाया गया. जो तार बिछाया गया था उस तार को नक्सली अभय के कहने पर इंद्रजीत कुमार उर्फ मारुति व जितेंद्र कुमार ने औरंगाबाद शहर से सात बंडल तार खरीद कर ले गया था.
सतनदिया जंगल में यह तार अभय को दिया गया था. तार देने के एवज में अभय ने इंद्रजीत व जितेंद्र को तीन हजार रुपये भी दिये थे. इस कार्य में जितेंद्र कुमार ने मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था. वह अभी जेल में बंद है. नक्सली अभय के कहने पर कृष्णा यादव, इंद्रजीत कुमार उर्फ मारुति के अलावा नक्सली अभय, अभीजीत, नवल, हिरामन, नागेंद्र, गणेश, नितेश , त्यागी, प्रसाद जी व परमजीत ने तार बिछाया था.
सड़क के किनारे से 10 फुट लंबा व साढ़े तीन फुट गहराई में तार बिछाया गया था और खेत में मेढ़ के सहारे पश्चिम दिशा की ओर ले जाया गया था, ताकि तार जोड़ने वाले व्यक्ति आड़ में छिप कर घटना को अंजाम दे सके. घटना के दिन 19 जून को सुबह छह बजे से राजबली भुइंया को नक्सलियों द्वारा देव थाना व सीआरपीएफ कैंप पर नजर रखने की जिम्मेवारी दी गयी थी, जो पुलिस की हलचल की जानकारी दे रहा था.
इंद्रजीत उर्फ मारुति नक्सली नितेश के कहने पर कंचनपुर में बैठ कर पुलिस की गतिविधियों की सूचना नक्सलियों को पहुंचा रहा था. इसके बाद कुछ नक्सली घटनास्थल की ओर झोले में बैटरी लेकर पहुंचे. कृष्णा यादव बांध के पीछे नदी में पहले से मौजूद था. इसके बाद नक्सलियों ने तार को टेस्टर से चेक किया, फिर पुलिस के आने का इंतजार करने लगे. इस दौरान सभी लोग नक्सलियों से मोबाइल पर संपर्क में थे.
कोबरा के जवान जब ऑपरेशन से वापस लौट रहे थे, तो उक्त लोगों ने लैंड माइंस विस्फोट कर घटना को अंजाम दिया गया. इसमें कोबरा का एक जवान शहीद हो गया, जबकि दो जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गये. लैंड माइंस विस्फोट हो जाने के बाद सभी लोग अपने-अपने घर चले गये.
औरंगाबाद : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने 24 जून को मगध बंद का एलान किया है. इसको लेकर पुलिस छापेमारी अभियान तेज कर दिया है. साथ ही सभी थानों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है. एसपी बाबू राम ने कहा कि नक्सलियों की बंदी को कभी भी सफल होने नहीं दिया जायेगा. नक्सलियों के विरुद्ध कॉबिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. बंद के दौरान नक्सली किसी घटना को अंजाम न दे सके, इसको लेकर सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ व बिहार पुलिस के जवानों द्वारा छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. नक्सलियों को जंगलसे बाहर नहीं निकलने दिया जायेगा. पुलिस नक्सली से डरने वाली नहीं, बल्कि हर चुनौती से निबटेगी.
फर्जी कागजात पर नक्सली खरीदते हैं सिम कार्ड
एसपी बाबू राम ने कहा कि नक्सली जिस सिम का उपयोग मोबाइल में करते हैं, वह सिम फर्जी कागजात व फोटो के माध्यम से खरीदा जाता है. नक्सलियों को फर्जी कागजात पर सीम देने वाले दो दुकानदारों को चिह्नित कर लिया गया है. उन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. एसपी ने सिम बेचने वाले दुकानदारों को हिदायत देते हुए कहा है कि फर्जी कागजात व फोटो पर सिम नहीं दें. सिम उसी व्यक्ति को दें, जो स्वयं अपने कागजात लेकर दुकान पर आये हों. यदि इसके बावजूद दूसरे के नाम पर सिम दिया गया और किसी घटना में उक्त सिम का इस्तेमाल किया गया, तो दुकानदार को जिम्मेवार मानते हुए कार्रवाई की जायेगी. गौरतलब है कि देव-कंचनपुर पथ में बंधु बिगहा के पास 19 जून को हुए विस्फोट में एक कोबरा जवान शहीद व दो अन्य जख्मी हो गये थे.
बम लगाने में शामिल था इंद्रजीत यादव
पुलिस के हत्थे चढ़े बंधु बिगहा गांव निवासी इंद्रजीत यादव ने कहा कि 2007 में मेरे सामने नक्सलियों द्वारा सड़क में बम लगाया गया था. मैं उस वक्त मुरगा फार्म चलाते थे, उस वक्त नक्सली बराबर मुरगा खरीदने के लिए पहुंचते थे. उसी दौरान नक्सली प्रसाद से मुलाकात हुई. रात नौ बजे के करीब बम लगाया गया था. साथ ही नक्सलियों ने धमकी दी था कि बम लगाने की बात लिक हो गयी, तो पूरे परिवार को मार डालेंगे. नक्सलियों के भय से मैं बाहर चला गया था. कुछ दिन पहले अपने गांव आया था. इसके बाद बम विस्फोट किया गया.
नक्सली नवल ने राजबली भुइंया को रखवाया था देव में
पुलिस की हर गतिविधि की सूचना देने के लिए नक्सली नवल ने राजबली भुइंया को देव में किराये के मकान में रखवाया था और सीम व मोबाइल दिया था. राजबली भुइंया हर दिन पुलिस की गतिविधि की जानकारी देता था.
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